होटल के कमरे में चाची की चूत गांड फाड़ी- 1

पोर्न चाची फक स्टोरी में पढ़ें कि मैं चाचा के पास रहने गया. चाची लंबी गोरी जवान और एक नम्बर की माल दिखती हैं. मैंने चाची की चूत कैसे मारी?

दोस्तो, मेरा नाम सागर है. मैं एक गांव का रहने वाला लड़का हूँ. मेरी उम्र अभी 19 साल है.

मैं अपने दादा दादी के साथ गांव में रहता था.
घर पर मैं और दादा दादी ही रहते थे. बाक़ी सभी लोग आस पास के शहरों में रहते थे.

गांव में मैं कई आंटी और लड़कियों को पटा पटा कर खूब पेल चुका हूँ.
मैं उनके बारे में आपको किसी अन्य सेक्स कहानी में बताऊंगा.

इन सबमें सबसे ज्यादा मजेदार पानीपत के एक होटल में चाची की ठुकाई हुई थी.

ये पोर्न चाची फक स्टोरी छह महीने पहले की है. तब मैं करनाल शहर में रहने आया था.

एक दिन दादी ने मुझसे कहा- तू कुछ दिनों के लिए अपने चाचा चाची के घर पर चला जा.

मैं चाची की मस्त गांड का दीवाना था तो मैं झट से मान गया और अगले दिन तैयार होकर गांव से निकल गया.
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपनी चाची के बारे में बता देता हूँ.

चाची पानीपत शहर में रहती हैं.
लंबी भरी हुई गोरी जवान और एक नम्बर की माल दिखती हैं वो. उनकी गांड बड़ी उठी हुई है जबकि चूचियां बहुत छोटी छोटी हैं.

उनकी दशा देख कर साफ़ समझ आता है कि मेरे चाचा ने उनकी चूत तो बहुत मारी होगी, लेकिन ये नहीं लगता था कि वो कभी उनकी चूचियों के साथ खेले होंगे.
चाची की शादी को क़रीब 13 साल हो चुके हैं. उनकी तीन बेटियां हैं.

शहर में जाने के बाद चाची की चुदाई बिल्कुल ना के बराबर होने लगी थी क्योंकि चाचा जी सारा दिन काम पर रहते थे और रात के दस बजे घर आते थे.

चाचा जी थक कर वापस आते थे और दारू पीकर आते थे, तो बस खाना खाया और सो जाते थे.
चाची की चुदाई नहीं हो ही पाती थी.

ये उन दिनों की बात है जब मैं उनके घर गया हुआ था.
एक दिन चाची ने मुझसे कहा- सागर, मुझे बाईक से क्लिनिक पर छोड़ आ!

चाची एक महिला डाक्टर के घर पर नर्स का काम किया करती थीं.
मैंने कहा- ठीक है, मैं छोड़ आता हूँ.

डाक्टर का घर थोड़ी दूर पड़ता था.

हम दोनों बाइक पर घर से निकलने को रेडी हो गए.

उस दिन चाची ने बड़ा कसा हुआ सूट पहना हुआ था जिसमें से उनकी मादक गांड बड़ी मस्त लग रही थी.
हम दोनों चल दिए.

मैं बाइक चलाते हुए चाची की गांड मारने के बारे में सोचने लगा.
मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो गया.

रास्ते में अचानक एक गड्डा आ गया और बाईक एकदम से उसमें गिर कर उछल गयी.

चाची गिरने से बचने के लिए मुझे पकड़ने लगीं और उनका हाथ एकदम से मेरे मोटे लंबे टाईट खड़े लंड पर आ लगा.
उन्होंने मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ लिया और तब तक पकड़े रखा, जब तक बाईक नहीं संभल गई.

बाइक संभली तो चाची ने लंड छोड़ दिया.
मुझे मजा आ गया था तो मैं जानबूझ कर बाइक को गड्डे में गिराने लगा.

चाची ने भी रास्ते में हर बार गड्डे में बाइक जाने पर मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और जोर से दबाना शुरू कर दिया.
मैं भी समझ गया कि चाची को मेरा लंड पसंद आ गया है.

कुछ ही देर में हम दोनों डाक्टर के घर के सामने पहुंच गए.
चाची बाईक से उतर गईं.

मैंने चाची से पूछा- कैसा लगा सफ़र चाची?
चाची हंस कर बोलीं- तेरे साथ आने में बहुत मज़ा आया.

मैंने पूछा- क्यों ऐसा मजा, चाचा जी के साथ नहीं आता है क्या?
चाची ने मुझसे कहा- अब तू जवान हो गया है और बहुत बड़ा हो गया है.

मैंने कहा कि क्या बड़ा हो गया है चाची?
चाची ने एक सेकसी स्माइल दी और बोलीं- तेरा बहुत कुछ बड़ा हो गया है.

मैं समझ गया कि चाची की तीती के दाने को लंड की ज़रूरत है.
पर मैं उनकी गांड का दीवाना था.

मैं उनकी तरफ मदभरी नजरों से देखने लगा.
चाची बोलीं- चल अब मैं चलती हूँ, तू जल्दी से बाईक घर लेकर जा, तेरे चाचा को भी अपने काम पर जाना है.

मैंने चाची से हां कहा और बाइक मोड़ने लगा.
चाची अन्दर जाने लगीं और मैं पीछे से उनकी ठुमकती गांड को निहारने लगा.

फिर मैं रास्ते में हुई लंड पकड़ने की घटना के बारे में सोचने लगा.

उन घटनाओं से मुझे लगा कि चाची की चूत अभी गर्म होगी, इसी वक्त उन्हें थोड़ी हिम्मत करके चाची को पीछे से आवाज़ लगाई.

चाची रुक गईं और मेरे पास आकर बोलीं- क्या हुआ क्यों रोका मुझे?
मैंने कहा- आप बहुत सेक्सी हो चाची. आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.
वो मुस्कुरा दीं.

चाची भी समझ गईं कि अब सागर जवान हो गया है. इसका मोटा लंबा जवान लंड मेरी अच्छे से ठुकाई कर सकता है और मेरी चूत को शांत कर सकता है.

मैंने चाची से कहा- चाची आप काम तो हर रोज़ करती हो, क्यों ना आज थोड़ी मौज मस्ती कर ली जाए.
मेरी इस बात पर चाची थोड़ी मुस्करा कर बोलीं- कैसी मौज मस्ती?

मैं फिल्मी स्टाइल में बोला- थोड़ा घूमेंगे फिरेंगे और क्या?
चाची इठला कर बोलीं- और अगर तेरे चाचा को पता चल गया तो?

मैंने कहा- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. न मैं कहूँगा और न आप कहोगी.
कुछ देर बाद चाची मान गईं.

उन्होंने मेरा फ़ोन लिया और डॉक्टर को फ़ोन करके तबीयत ख़राब का बहाना बना कर छुट्टी के लिए कह दी.
उधर से छुट्टी मिलते ही चाची गांड उचका कर मेरे पीछे बाईक पर बैठ गईं.

वो बोलीं- मौज मस्ती करनी ही है तो किसी कमरे में चलो.
मैं समझ गया कि चाची की चूत में सैलाब आया हुआ है.

हम दोनों पानीपत के ही एक होटल में चले गए.
मैंने वहां एक कमरा बुक कर लिया. हम कमरे के अन्दर गए.

मैंने चाची से कहा- चाची आप थोड़ी देर आराम कीजिए, मैं बाईक घर छोड़ कर अभी आता हूँ, चाचा को जाना होगा.
चाची बोलीं- हां ठीक है, पर जल्दी आना.

मैंने कहा- जब तक मेरे मोबाइल में कुछ मजेदार देख लो.
चाची बोलीं- मोबाइल में बहुत देख चुकी, अब तो सामने से मजा लेना है. तू जल्दी जा और जल्दी वापस आ.

मैं जल्दी जल्दी बाइक चलाता हुआ घर पहुंचा.
तो चाचा सामने खड़े मेरा ही इन्तजार कर रहे थे.
वो बोले- बड़ी देर लगा दी तुमने?

तो मैंने जाम में फंसने का बहाना बनाया.
चाचा बोले- ठीक है, मैं काम पर जा रहा हूँ.

चाचा के जाते ही मैंने एक स्टोर पर जाकर सेक्स पॉवर बढ़ाने की दो गोलियां ख़रीद कर खा लीं और एक छोटी तेल की शीशी ले ली क्योंकि मुझे पूरा यकीन था कि आज मुझे चाची की गांड मारने पक्का मिल जाएगी.

मुझे कंडोम की जरूरत नहीं थी क्योंकि जो मज़ा नंगे लंड से गांड मारने में आता है, वो मज़ा कंडोम लगा कर कहां आता.

जल्दी से ऑटो लेकर मैं उसी होटल में पहुंच गया.
मैं कमरे में गया तो वहां चाची नहीं थीं, बेड पर चाची के कपड़े पड़े हुए थे और बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी.

मैंने बेड पर पड़ी चाची की पैंटी को उठा लिया और उसे सूंघने लगा.
मेरा लंड खड़ा होकर एकदम टाईट हो गया, मैं वहीं पर मुठ मारने लग गया.

मुझे नहीं पता था कि चाची यह सब देख रही थीं क्योंकि चाची की तरफ़ मेरा पिछवाड़ा था.
चाची धीरे से बाहर आईं और मुझे पता लगे बिना ही मेरे पीछे से आकर मेरे लंड को पकड़ लिया.

मैं एकदम से डर गया और पीछे मुड़कर देखा तो मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.
चाची मेरे सामने एकदम नंगी खड़ी थीं, उन्होंने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ रखा था और एक हाथ से अपने छोटे छोटे चूचे दबा रही थीं.

वो मेरे लंड को देख कर बोलीं- अरे वाह सागर, क्या मस्त लंड है तेरा. तेरा लंड तो तेरे चाचा से काफ़ी लंबा और मोटा है. जब मैंने बाईक पर तेरे लंड को हाथ लगाया था, मैं तभी तेरे लंड की दीवानी हो गई थी. मैंने तभी सोच लिया था कि मैं तेरे इस लंबे मोटे जवान लंड को अपनी चूत फाड़ने का मौक़ा जरूर दूँगी.
ये कह कर चाची ने मेरा लोवर निकाल दिया और मैंने अपनी टी-शर्ट निकाल फैंकी.

अब मैं और चाची एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे थे.
चाची की क्या मस्त लाल चूत दिख रही थी.

चाची बोलीं- देख क्या रहे हो … आज से ये तुम्हारी है, फाड़ डालो मेरी इस कमीनी तीती को अपने मोटे लंड से और शांत कर दो इसको!
मैंने कहा- मुझे आपकी गांड भी मारनी है.

चाची एकदम से बोलीं- नहीं मैं गांड नहीं मरवाऊंगी. मैंने आज तक कभी भी अपनी गांड तेरे चाचा से भी नहीं मरवाई.
मैं समझ गया कि चाची ऐसे नहीं मानेगी, इसे पहले चूत मरवाने के लिए तड़पाना पड़ेगा.

मैंने कहा- ठीक है लेकिन मैं आपकी चूत को अपने लंड का स्वाद तभी चखाऊंगा जब आप मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसोगी.
चाची मान गईं.

वो नीचे झुक कर मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर सहलाने लगीं और उसे मुँह में लेकर आराम आराम से चूसने लगीं.

आह … सच में चाची मेरे लौड़े पर क्या मस्त चुप्पे लगा रही थीं.
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कोई पोर्न ऐक्ट्रेस मेरा लंड चूस रही हो.

चाची ने पूरे लंड को थूक से चिकना कर दिया था और पूरा का पूरा लंड अपने गले तक लेकर चूस रही थीं.
मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था.

क़रीब 20 मिनट तक चाची ने मेरे लंड को चूसा.
फिर चाची खड़ी होकर बोलीं- अब तू मेरी तीती को चाट.

मैंने चाची को बेड पर सीधी लेटा दिया और उनकी जांघों के बीच में घुस कर उनकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा.
साथ ही अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल कर ज़ोर ज़ोर से अन्दर बाहर करते हुए तेज़ी से चाटने लगा.

चाची अपने दोनों हाथों से मेरा सर दबा कर चूत चटवाने का भरपूर आनन्द उठा रही थीं.

क़रीब 15 मिनट की चूत चुसाई के बाद चाची एक तेज चीख के साथ अपने बदन को ज़ोरदार झटका देती हुई झड़ गईं.
मेरा सारा मुँह चाची की चूत के माल से भर गया था.

मैंने चाट चाट कर चूत को साफ़ कर दिया और सारा माल पी गया.
चाची बेसुध होकर बेड पर लेट गईं पर मैंने फिर भी चाची की चूत को चूसना जारी रखा.

चाची को थोड़ा होश आया तो उन्होंने मेरा सर फिर से अपनी चूत पर दबा लिया.
मैं भी अपनी जीभ चूत के अन्दर तक डाल कर मज़े से चूत की चुसाई कर रहा था.

थोड़ी देर बाद चाची फिर से सिसकारियां लेने लगीं.
तभी मैंने उनके सर को अपनी दोनों टांगों के बीच में ले लिया.

अब हम दोनों 69 की पोज़ीशन में आ गए.
मैंने अपने लंड को चाची के मुँह में डाल दिया.

वो फिर से मेरे लंड को चूसने लगीं.
मैं उनकी चूत चाटने में लग गया.

हम दोनों ने अपनी स्पीड तेज कर दी और 5 मिनट में ही चाची फिर से झड़ गईं.

चाची ने मेरे लंड को मुँह से बाहर निकाला और बोलीं कि कब तक मुँह में देकर रखेगा … अब तो चोद दे मेरी तीती को?
मैंने कहा- साली जब तक मेरा माल नहीं निकल जाता, तब तक लंड मुँह में ही लेती रह!

ये कह कर मैंने फिर से अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया और चाची भी ज़ोर ज़ोर से लंड को चूसने लगीं.
मैंने अपनी दो उंगलियां चाची की चूत में डाल दीं और अन्दर बाहर करने लगा.

चाची ने अपनी स्पीड तेज़ कर दी.
ऐसे ही काफी देर तक मैंने चाची को अपना लंड चुसाया.

फिर मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ, तब मैं खड़ा हुआ और चाची की छाती पर जाकर बैठ गया.

मैंने अपने हाथों से चाची के सर को थोड़ा ऊपर उठाया और अपना लंड चाची के मुँह में डाल कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा.
कुछ ही धक्कों में ही मैं ज़ोरदार तरीक़े से चाची के मुँह में ही झड़ गया.

मैंने अपने लंड को चाची के गले तक धकेल दिया और मुँह में ही फंसाए रखा, जिसकी वजह से चाची को मेरा सारा माल पीना पड़ा.
लंड का पानी जब चाची ने मुँह में ले लिया, तब मैं चाची के ऊपर ही निढाल होकर गिर गया.

चाची ने मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटा दिया.
वो खड़ी हो गईं और बोलीं- अब मुझसे ओर बर्दाश्त नहीं हो रहा है. अब तो चोद दे मुझे!

तब मैंने सोचा कि इस वक्त चाची पर चुदाई का भूत सवार है, अब वो गांड देने से मना नहीं कर पाएंगी.

मैंने चाची से कहा- मैं आपकी चूत और गांड दोनों मारूंगा.
चाची बोलीं- तुझे जो करना है, कर पर मेरी चूत को शांत कर बस!

मैं चाची के मुँह से ये सुनकर बहुत खुश हो गया.
मैंने कहा- ठीक है, मेरे लंड को दुबारा से खड़ा करो.
तो चाची बोलीं- अब कैसे खड़ा होगा ये?

मैंने कहा- मेरे लोवर की जेब में एक तेल की शीशी है. उस तेल से लंड की मालिश करो.
चाची तुरंत तेल निकाल लाईं और बेड पर मेरी जांघों के बीच में बैठ कर लंड की मालिश करने में जुट गईं.

थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा होकर एकदम टाईट हो गया.
चाची बोलीं- लो लंड खड़ा हो गया है … अब तो डाल दो इसे मेरी तीती में.

मैंने कहा- चाची थोड़ी देर और मालिश कर दो, बहुत मज़ा आ रहा है.

चाची फिर से लंड चिकना करने लगीं.
मैंने चाची से क़रीब 20 मिनट तक और मालिश करवाई.

मालिश के बाद मैं बेड से खड़ा हुआ और चाची को बेड पर ही कुतिया बना दिया.
उनके दोनों हाथों को पीछे करके बांध दिए.

चाची बोलीं कि ये क्या कर रहे हो?
मैंने चाची की गांड पर एक ज़ोरदार तमाचा मारा और कहा- बस मेरी जान अब तू लंड से ठुकाई का मज़ा ले.

मेरा लंड पहले से ही चिकना था, मैंने लंड पर थोड़ा तेल और लगा लिया और थोड़ा चाची की चूत पर लगा दिया.
मैंने अपना चिकना 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड चाची की चूत पर रखा और मसलने लगा.

फिर एक हल्का सा धक्का लगाया और लंड का टोपा चूत के अन्दर उतार दिया.
चाची कराह कर बोलीं- थोड़ा धीरे करो. धीरे धीरे करके अपना सारा लंड मेरी चूत के अन्दर उतार दो.

पर मैं उनकी कहां कुछ सुनने वाला था … मैंने लंड के टोपे को भी बाहर निकाल लिया और चाची के बंधे हुए हाथ पकड़ कर एक हाथ से लंड को चूत पर सैट करके एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया.
लंड चिकना होने पर भी मेरा लंड चूत में केवल आधा ही घुस पाया.

धक्का लगते ही चाची की ज़ोर से चीख़ निकल गई- अअह अह मर गई रे … आराम से पेलने को बोला था … इतनी ताक़त से धक्का लगाने को नहीं … तुमने तो एक ही धक्के में मेरी मासूम सी तीती को फाड़ डाला रे!
चाची की आंखों में आंसू आ गए.

मैंने लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और चाची की चूत को चाटने लगा.

थोड़ी देर में जब चाची का दर्द कम हुआ तो चाची बोलीं- अब फिर से लंड डालो चूत में … और साले इस बार आराम से डालना!

एक बार फिर मैंने चूत पर लंड सैट किया और आराम आराम से आधा लंड आसानी से घुसा दिया.

मैंने लंड पर थोड़ा और दबाव डाला और लंड को थोड़ा और अन्दर घुसा दिया.
चाची को फिर से दर्द हुआ.
वो बोली- रुको!

पर मैंने उनकी नहीं सुनी और फिर से एक ज़ोर का धक्का लगा दिया.

मैंने अपना 7 इंच का लंड चाची की लाल चूत में पूरा उतार दिया.
चाची ज़ोर ज़ोर से चिल्लाती हुई रोने लगीं- अअह … अहह ऊऊई मां मार डाला रे!

अब चाची का दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया था, वो अपने हाथ खुलवाने की कोशिश करने लगीं और कहने लगीं- बाहर निकाल अपने लंड को मेरी चूत से कमीने.

पर मैं कहां सुनने वाला था.
मैंने चाची के दोनों हाथों को ज़ोर से पकड़ लिया और लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर बाद चाची का दर्द कम हो गया और उनको मज़ा आने लगा.
मैंने धक्कों की स्पीड थोड़ी तेज़ कर दी.

चाची फिर से चिल्लाने लगीं.
पर मैं इस बार नहीं रुका और धक्के लगाता रहा

थोड़ी देर बाद चाची भी अपनी गांड को पीछे धकेल धकेल कर लंड को चूत में अन्दर तक लेने लगीं.
पोर्न चाची बोल रही थीं- वाह मेरे शेर … मान गई तुझे … और तेरे इस लंड को … और ज़ोर से आह और ज़ोर से चोद मुझे … फाड़ डाल मेरी चूत को आज. आज से मैं अपनी तीती को तेरे लंड को सौंपती हूँ. इसे सिर्फ़ यही शांत कर सकता है. और ज़ोर से चोद आआह हहमम आहह हहम उई माँ … क्या चुदाई करता है तेरा लंड … मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और ज़ोर से चोद.

ये सब सुनकर मैं और भी जोश में आ गया और अपनी पूरी ताक़त से चाची की ठुकाई करने में लग गया.
दो मिनट की ज़ोरदार धक्का पेल ठुकाई के बाद चाची की चूत ने फिर से रस छोड़ दिया.

मेरा पूरा लंड चूत के रस से एकदम चिकना हो गया था.
दोस्तो मैंने कामशक्ति बढ़ाने वाली दवा खाई हुई थी तो मेरा लंड तो एकदम खम्भे सा खड़ा था, लंड की झांट तक टेड़ी नहीं हुई थी.

पोर्न चाची फक स्टोरी के अगले भाग में मैं लिखूंगा कि चाची की चूत के बाद गांड कैसे मारी और उसके बाद क्या क्या हुआ.
आप मुझे मेल करें.
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पोर्न चाची फक स्टोरी का अगला भाग:

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