सीधी सादी क्लासमेट को सेट करके चोदा- 1

कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी मेरी क्लासमेट लड़की को सेट करके सेक्स के लिए तैयार करने की है. वो सुंदर सेक्सी थी पर सीधी सादी रहती थी. मैं उसे चोदना चाहता था.

नमस्कार दोस्तो, मैं रजत एक बार फिर से आपके सामने हाजिर हूं अपनी एक नई कहानी लेकर!
जो लोग नए हैं, उन्हें बता दूं कि मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं और मुंबई में एक MNC कंपनी में काम करता हूं।

मेरी पिछली कहानी
गर्म चूत की धकाधक चुदाई
में आपने पढ़ा है कि कैसे मैंने अपने कॉलेज की लड़की सायली को खूब चोदा।

उसके बाद जब भी मौका मिलता था हम लोग खूब जम कर चुदाई करते थे।

यह कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी मेरी और मेरी क्लासमेट भूमि की चुदाई की है जो मेरे साथ पढ़ती थी.

वह मुझे पिकनिक के दौरान हंसी मजाक में खेल खेल में मिली और अपना कम्प्यूटर चैक करवाने के बहाने अपनी चूत चैक करवा बैठी।

भूमि भी एकदम मस्त बदन की मालकिन है, गदरायी गांड और बड़े बड़े बूब्स की मालकिन है।
साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि उसकी सील तब तक नहीं टूटी थी मतलब बिल्कुल सील पैक माल थी।

अभी हम दोनों (मैं और सायली) इंजीनियरिंग के अंतिम साल में थे. करीब करीब आधा साल गुजर चुका था और सिर्फ आधा साल ही बाकी बचा था पढ़ाई का!
उसके बाद सब लोग जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रहे थे।

इसलिए क्लास की सभी छात्रों ने मिलकर पिकनिक का प्लान बनाया।

सबने बैठकर यह तय किया कि 2 हफ्ते बाद शुक्रवार को हम लोग नजदीक के समुद्र के किनारे पिकनिक मनाने जाएंगे।
सुबह जल्दी निकलेंगे और शाम तक वापस घर आएंगे।

उसी हिसाब से ट्रैवल बुकिंग, आने – जाने का रास्ता, कितने लोग आने वाले, खाने पीने, घूमने आदि तैयारियां शुरू कर दी।
सबको अलग अलग टास्क दे दिए गए।

पिकनिक वाला दिन आ गया, सुबह 7 बजे हमारी ट्रैवलर गाड़ी निकल पड़ी.

आगे रास्ते में कुछ और साथी क्लासमेट्स जुड़ने वाले थे क्योंकि उनका घर उसी रास्ते पर बीच में था, जहाँ हम लोग जा रहे थे।

मैं सफर की शुरुआत से ही गाड़ी में था तो मैंने मस्त सबसे लास्ट वाली सीट पकड़ ली और देख रहा था कि कौन कैसे आ रहा है।

एक बात आपकी जानकारी के लिए बता दूं दोस्तो … कि जब भी लड़कियाँ पिकनिक में जाती है ना तब उनकी पूरी चाल ही बदल जाती है। एकदम हॉट आइटम … माल … पटाका बन जाती हैं।

मैंने भी ध्यान दिया की सीधी-साधी दिखने वाली लड़कियां भी आज ऐसा कड़क माल बन के आई हैं जो अच्छे अच्छों की पैंट में हलचल पैदा कर दे।

सभी लोग आ गए थे और हम लगभग 10 बजे के आसपास समुद्र किनारे पहुच गए।
वहां हमने मिलकर एक कमरा किराए पर लिया; उसमें सभी लोगों ने अपने साथ लाया हुआ सामान रख दिया और सभी लोग मस्ती करने समुद्र के किनारे पर भाग गए।

पूरा दिन मस्ती में बीतता चला गया।
मैं और सायली चुदाई के लिए तड़प रहे थे इसलिए मैं कोई मस्त सी जगह देख रहा था।

लेकिन ज्यादा लोगों की आवाजाही के कारण समुद्र किनारे पर हमें कोई ठीक जगह नहीं मिली।
मैं और दोस्त मिलकर हॉट लड़कियां ताड़ते हुए आपस में हंसी मजाक कर रहे थे।

जब शाम हो चुकी तो सभी लोग वापस रूम की ओर जाने लगे थे।
सभी लोग एक-एक करके चेंज करके वापस ट्रैवलर में जाकर बैठ रहे थे।

सबके बैठ जाने बाद हमने वापसी सफर शुरू किया।

रास्ते में हम सबने मिलकर गेम खेलना शुरू किया।
हम लोग ट्रुथ & डेयर खेलने लगे।

शुरूआत में सिर्फ हम लड़के ही खेल रहे थे फिर धीरे धीरे सभी लड़कियां और बाकी साथी भी हमारे साथ खेलने लग गए।

खेलते खेलते इस बार मेरा नंबर आ गया था.
अब बारी थी ट्रुथ & डेयर में से किसी एक को सेलेक्ट करने की तो मैंने ट्रुथ सेलेक्ट किया।

मुझसे सवाल पूछा गया कि अभी इस गाड़ी में कौनसी लड़की को पसंद करते हो? उसका नाम बताओ।

मैं भी सोच में पड़ गया कि किसका नाम लूं? सायली का या किसी और लड़की का?
सायली को तो में पहले ही चोद चुका हूं तो फिर से उसका नाम लेकर कुछ फायदा नहीं, किसी और का ही नाम लेना ठीक समझा,पर किसका नाम लूं?

हम्म्म्म …

तभी अचानक मुझे भूमि नाम याद आया जो ठीक मेरे सामने की सीट पर बैठी थी.
मैं उसे पहले से लाईन देना चाहता था लेकिन आज तक कभी मौका ही नहीं मिला था.
आज एकदम मस्त मौका है।

मैंने तपाक से भूमि का नाम बोल दिया।

भूमि एक सीधी-साधी लेकिन मस्त फिगर वाली लड़की थी।
उसके बूब्स किसी रसीले सन्तरे जैसे थे, उसकी गांड एकदम गोल थी, फिगर पूरी तरह मैंटेन कर रखा था लेकिन उसका चेहरा कुछ खास नहीं इसी कारण उसका कोई बॉयफ्रेंड नहीं था।

इधर भूमि मुझे पहले से पसंद भी थी और मुझे किसी कुंवारी चूत की भी तलाश थी।

जैसे ही मैंने भूमि का नाम लिया तो सभी लोग चौंक गए।
सबको लगा कि मैं क्लास की सबसे खूबसूरत लड़की का नाम लूंगा।

लेकिन मैंने ऐसा ना करके सीधे क्लास की सबसे सीधी साधी लड़की भूमि का नाम ले लिया।

भूमि के चेहरे पर भी आश्चर्य वाले भाव थे लेकिन उसने ऐसा जताया नहीं।

अब खेल धीरे धीरे आगे चलने लगा और सबके नंबर धीरे धीरे आ रहे थे. सभी से लगभग एक जैसे ही सवाल पूछे जा रहे थे और सभी जबाब भी एक जैसे ही मिल रहे थे.

अगर लड़के से सवाल पूछा तो वो सबसे खूबसूरत वाली लड़की पे क्रश है ऐसा जबाब देता!
और वही सवाल किसी लड़की पूछा जाता तो वो क्लास के सबसे हैण्डसम लड़के पर क्रश है ऐसा ज़वाब दे देती।

धीरे-धीरे भूमि की बारी भी आ गई।
उसने सबसे अलग डेयर सेलेक्ट किया।

अभी तक जितनी भी लड़कियों की बारी आई थी उन सबने ट्रुथ सेलेक्ट किया था।
अब सभी लोग सोच में पड़ गए कि इसे क्या कठिन से कठिन डेयर दिया जाए!

तभी कोई जोर से चिल्लाकर बोला- रजत को प्रोपोज़ कर ले।
मतलब मुझे प्रोपोज़ करने को बोला था।

मुझे लगा कि ये अब कुछ और डेयर देने की मान करेगी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

भूमि ने अपने पास बैठी एक लड़की के सिर में लगा गुलाब का फूल निकाला और चलती गाड़ी में मुझे सबके सामने प्रोपोज़ किया।

क्लास की सबसे सीधी लड़की के इस स्टाइल से मैं भी दंग रह गया.
मैंने वो फूल स्वीकार कर लिया।

इस तरह खेल खेलते रहे जब तक हम सब अपने अपने घर नहीं पहुंच गए।

उस दिन से मेरी भूमि के साथ दोस्ती बढ़ गयी, रोज धीरे धीरे चैट होने लगी।

फिर एक दिन मौका देखकर मैंने उसको प्रोपोज़ किया.
उसने भी तुरंत बिना देर किए हां बोल दिया।

उस दिन हम लोग पूरी रात चैट कर रहे थे।
रात को फ़ोन पर बात नहीं कर सकते थे क्योंकि भूमि घर वालों के साथ सोती थी।

प्रपोज करने के बाद हम रोज देर रात तक बातें करते थे.

धीरे धीरे बाते प्यार से आगे बढ़ती हुई चूत चुदाई तक आ पहुंची थी।
वासना की आग अब दोनों तरफ भड़क उठी थी।
अब हम दोनों किसी अच्छे से मौके का इंतज़ार कर रहे थे कि कब हमको चुदाई करने का मौका मिले।

लेकिन भूमि परिवार के साथ रहने कारण ज्यादा बाहर नहीं निकल पाती थी।

इधर सिर्फ चुदाई के लिए मौका देखते देखते अंतिम साल खत्म हो गया, हमारे एग्जाम भी खत्म हो गये लेकिन हमें मौका नहीं मिला।

एग्जाम के बाद हम दोनों कोई जॉब ढूंढने लगे, हम दोनों हमेशा साथ में ही जॉब के लिए इंटरव्यू देने जाते थे ताकि हम दोनों को साथ रहने का ज्यादा से ज्यादा वक़्त मिल सके।

लेकिन वो दिन भी आया जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार था.
एक दिन भूमि ने मुझे बोला- परसों मेरे घर आ जाना. मेरे घर का कम्प्यूटर बिगड़ गया है। उसको फॉरमेट करना है।
मैं समझ चुका था कि मुझे क्यों बुलाया जा रहा है।

जिस दिन से भूमि ने मुझे अपने घर पर आने को बोला था उसी दिन से मेरे मन में सिर्फ भूमि की चूत चुदाई के सपने आ रहे थे।
दिमाग बस यही चल रहा था कि भूमि को कैसे चोदूँगा?
क्या वो मेरा लंड ले पाएगी?
घोड़ी बना कर लूं या लेटकर?

या फिर क्या उस दिन भूमि को चोदने का मौका मिलेगा या ऐसे ही हाथ हिलाता रह जाऊंगा।
मुझे बस इतना पता था कि उसकी सील अभी तक टूटी नहीं है।
सील पैक माल के लिए ही मैं इतना उतावला हो रहा था।

ऐसा सोचते सोचते आखिर वो दिन मुझे भूमि के घर जाना था।

उस दिन मैं मस्त तैयार होकर कम्प्यूटर फॉर्मेट वाली डिस्क साथ लेकर उसके घर चला गया क्योंकि पहली बार भूमि के घर जा रहा था तो मुझे घर तो मालूम नहीं था.

लेकिन भूमि ने जो पता मुझे भेजा था उसके हिसाब से मैं सही ठिकाने पर पहुंच चुका था।

जैसे ही मैंने घर की डोरबेल बजायी तो भूमि ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बुला लिया।

घर में जाने के बाद वो मुझे सीधे अपने बेडरूम में ले गई जिधर उसका कम्प्यूटर रखा था।

इधर उधर देखने पर दूसरे बेडरूम उसके पापा सोते हुए नजर आए।

घर में और कोई उसके पापा के अलावा और कोई भी नहीं था।

भूमि की मम्मी बाहर किसी रिश्तेदार की शादी में गई थीं और शाम तक को वापस आने वाली थी।

लेकिन भूमि के पापा को देखकर मुझे मेरे सारे सपने टूटते नज़र आए और ऐसा लगा जैसे आज सारे अरमानों पर पानी फिर गया है।
“कहते हैं ना कि खड़े लंड पे हथौड़ा गिरना”
ठीक वैसी हालात हो चुकी थी।
मैंने बहुत सपने देखे थे लेकिन सभी एक साथ चकनाचूर हो गए।

मैं चुपचाप मायूस होकर कम्प्यूटर चेक करने में लग गया।
लेकिन मैंने कम्प्यूटर को पूरा अच्छी तरह से चैक किया लेकिन मुझे कुछ भी प्रॉब्लम नज़र नहीं आई।

मैंने ये बात भूमि को बताई तो उसने बोला- कम्प्यूटर फॉर्मेट करना है।
उसके कहे अनुसार मैंने कम्प्यूटर को फॉर्मेट कर दिया।

कम्प्यूटर फॉर्मेट होने के लिए करीब करीब 30 मिनट का वक्त लगने वाला था।

मैंने कम्प्यूटर फॉर्मेट करने के लिए छोड़ दिया और भूमि के साथ बातें करने लगा।

दोस्तो, आगे देसी कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी मजेदार होने वाली है, इसका दूसरा भाग अवश्य पढ़ें.
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देसी कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी का अगला भाग:

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