सहकर्मी ने मुझे गर्म करके चोद दिया- 2

मेरी गांड मारी घर बुलाकर मेरे दोस्त ने! वो मेरे ऑफिस में ही काम करता था. मुझे उससे कुछ काम था तो उसने मुझे अपने घर बुला लिया. वहां क्या हुआ?

हैलो फ्रेंड्स, आपको मेरी गर्लफ्रेंड राजसी की सेक्स कहानी में मजा आ रहा होगा. उसी के शब्दों में सेक्स कहानी का दूसरा भाग हाजिर है.

आपने पिछले भाग
सहकर्मी ने मुझे घर बुलाकर गर्म किया
में पढ़ लिया था कि मोहित ने मेरी चूचियां चूस कर मुझे गर्म कर दिया था और हम दोनों एक दूसरे की आंखों में देखने लगे थे.
मेरी चुदास बढ़ चुकी थी.

अब आगे पढ़ें कि कैसे मेरी गांड मारी उसने:

मोहित बोला- राजसी मजा आया?
मैंने कुछ नहीं कहा, खैर … कहती भी क्या कि मजा नहीं आया.

वो मेरी खूबसूरती की तारीफ करने लगा. हालांकि मेरा रंग हल्का काला था पर फिर भी वो मेरी खूबसूरती की तारीफ करने लगा.

मोहित बोला- राजसी, अपनी असली खूबसूरती दिखाओगी?
उसका इशारा मेरी दोनों टांगों के बीच की दरार से था.

मुझे काटो तो खून नहीं!
उसने दोबारा पूछा- राजसी मैं तुम्हारी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं करूंगा.

अब मेरे लिए धर्म संकट खड़ा हो गया. कैसे उसे हां बोलू. इसी बीच मेरी चुत ने ढेर सारा सफ़ेद रस छोड़ दिया.

तभी मैंने देखा कि बाल्कनी का दरवाजा खुला हुआ था.

मैंने उससे कहा- पहले बाल्कनी का दरवाजा बंद कर दो प्लीज.
वो समझ गया कि मैंने इजाजत दे दी है.

उसने उठकर दरवाजा बंद कर दिया और आकर तुरंत मेरी जींस और पैंटी दोनों उतार दी.

अब मैं उसके सामने पूरी तरह से नंगी थी.

उसने बिना देर किए मेरी दोनों टांगें खोलीं और मेरी चुत को मुँह में ले लिया. मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुंच गयी.

चुत किसी लड़की के शरीर का ऐसा अंग होता है कि अगर कोई लड़का थोड़ी देर भी चुत को छू ले, तो उसके बाद तो लड़की भी अपनी चुत को कण्ट्रोल नहीं कर सकती.

चुत की अपनी इच्छाएं होती हैं और ये लड़की के कण्ट्रोल से भी बाहर होती हैं. जब कोई चुत किसी लड़के के मुँह में जाती है, तब तो जैसे चुत का सपना सच हो जाता है.

मोहित ने अपनी जीभ नीचे जड़ से चुत के ऊपर तक फेर दी.
उसने ये कई बार किया और हर बार मेरे मुँह से सिसकारी से निकल जाती रही.

करीब 5 मिनट तक वो मेरी चुत चूसता रहा.

उसके बाद उसने अपनी जींस और अंडरवियर उतर दिया. उसका लंड एक मध्यम आकार का था, पर गोरा था.

उसने अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया.
सेक्स का मजा तो मैं कॉलेज टाइम में भी ले चुकी थी और लंड से खेलने का भी अपना ही मजा है.

मैंने उसके लंड को जोर जोर से ऊपर से नीचे मसलना शुरू किया.

तो उसने कहा- ऐसे नहीं राजसी … प्लीज आराम आराम से!
उसने मुझे लंड को सहलाने को बोला.

दो टीन मिनट लंड को सहलाने के बाद लंड पूरी तरह खड़ा हो गया था.

उसके बाद मोहित खड़ा हो गया और उसने मुझे भी खड़ा कर दिया.
उसने मेरे नीचे दो तकिये लगाकर मुझे उन तकियों पर बिठा सा दिया.

फिर उसने मेरी दोनों टांगें खोल दीं और अपने लंड को नीचे चुत में सैट करने लगा.

वो मेरी दोनों टांगों के बीच में था और अपना लंड अपने हाथ में लेकर अन्दर डालने के लिए तैयार था.

तभी अचानक मैंने महसूस किया कि उसने अपना लंड मेरी चुत पर लगाने की बजाए मेरी गांड के छेद पर लगा दिया और हल्का सा जोर लगा रहा था.

मेरी चुत की तो दुनिया ही लुट गयी थी. मेरे शरीर के रोंगटे से खड़े हो गए.

मैंने नीचे हाथ डालकर उसके लंड को अपनी चुत पर लगाया पर मोहित ने अपना लंड हटा लिया.

मेरी चुत के पैरों तले ज़मीन खिसक गयी.

मैंने उससे पूछा- मोहित क्या हुआ?
मोहित बोला- कुछ नहीं.

अब तक मेरे तो पूरे शरीर में आग सी लग गयी.
वो दोबारा अपना लंड मेरे चूतड़ों के बीच में घुसाने की कोशिश करने लगा.

मैंने अपने दोनों चूतड़ कस लिए.
उसका प्रयास असफल रहा.

शायद वो जानता नहीं था कि गुदा मैथुन, जिसे हम अनाल सेक्स भी कहते हैं, वो तब तक संभव नहीं हो सकता, जब तक कि कोई लड़की खुद अपनी गांड की मासपेशियां नहीं खोल लेती.

गांड की मांसपेशियां चुत से अलग होती हैं. चुत तो बनी ही लंड के लिए है.
किसी कम उम्र की लड़की की चुत भी हर आकार का लंड बड़े आराम से ग्रहण कर लेती है क्योंकि चुत का काम ही लंड को लेना है.

अब मैंने उसे साफ बोल दिया- मोहित प्लीज पीछे नहीं, आगे डालो.
उसने कहा- आगे किधर राजसी?

वो शायद मेरे मुँह से चुत शब्द सुनना चाहता था.
पर मैंने हाथ से इशारा करके बता दिया- यहां.

मोहित बोला- राजसी प्लीज मुझे गुदा मैथुन ही पसंद है. प्लीज अनल सेक्स करते हैं.

इसकी तो मैंने कल्पना भी नहीं की थी. अब मेरी और मेरी चुत की हालत ख़राब होने लगी थी.

जब किसी लड़की की सेक्स की भूख उसकी चुत में होती है ना कि उसके चूतड़ों के बीच बने छेद में.
अगर किसी लड़की को संतुष्ट करना है तो वो सिर्फ चुत से ही हो सकती है.

मैंने अपनी चुत की तरफ देखा.
मेरी चुत दोबारा गीली हो चुकी थी और रह रह कर अपना रस उगल रही थी.
अब ये मेरे कण्ट्रोल से बाहर हो रही थी.

अपनी चुत की वजह से मैं काफी परेशान रही हूँ, तो मैंने सोचा कि चलो आज भी इस चुत को भूखा ही रहने दो.

वैसे भी मोहित रिक्वेस्ट पर रिक्वेस्ट किए जा रहा था और उसके जैसे स्मार्ट लड़के को मना करने का मेरा बिल्कुल मन नहीं था.

फिर मैंने गर्दन हिलाकर सहमति दी और नीचे अपने दोनों चूतड़ ऊपर उठा लिए.

मोहित ने प्यारी से स्माइल दी.
उसकी स्माइल बेहद खूबसूरत थी.
मैं तो जैसे उसकी स्माइल पर फ़िदा हो गयी थी.

फिर अब तो मैं शायद अपनी चुत को मोहित की इच्छा के लिए भूखा रख सकती थी.

उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा.
मैंने अपने दोनों चूतड़ अच्छे से खोल दिए.
उसने हल्का सा धक्का लगाया. लंड गांड के छेद में फंस गया.

वो मेरी तरफ देखने लगा.
मोहित बोला- राजसी प्लीज.

मैंने अपनी गांड की मांसपेशियों को और फैला लिया.
उसने तुरंत धक्का मारा और पूरा लंड मेरी गांड में समा गया.
अब उसने पोजीशन सैट की और मैंने भी.

मैंने अपने चूतड़ दोनों तकियों पर आराम से रखे हुए थे और मोहित भी कम्फ़र्टेबल पोजीशन में था.
उसने अपना लंड हल्के हल्के से बाहर निकाला और फिर एक जोरदार झटका दे दिया.

मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने कोई लोहे की रॉड मेरे दोनों चूतड़ों के बीच में घुसेड़ दी हो.

मुझे दर्द भी हुआ पर मैं कुछ नहीं बोली क्योंकि मैं जानती थी हर लड़की की किस्मत ही ऐसी होती है कि पहली बार चाहे चुत हो या गांड, पहली बार दर्द सहना ही पड़ता है.

लड़की बनी ही इस तरह से है कि लड़के उसकी दोनों जगह से लेते हैं … आगे से भी और पीछे से भी.

मेरी कॉलेज टाइम में बहुत सी सहेलियों ने बताया था कि उनके ब्वॉयफ्रेंड उनकी गांड चोदते हैं … पर मैं चुत में ही खुश थी.

शायद मोहित भी मेरे चेहरे पर आया हुआ मेरा दर्द समझ चुका था.
इस बार उसने हल्के से अपना लंड बाहर निकाला और हल्के हल्के झटके मेरी गांड में देने लगा.

अब मुझे भी मजा आ रहा था.

मुझे ये फीलिंग पहली बार मिली थी कि गांड का छेद भी इतना मजा दे सकता है.

मोहित ने अपनी गति में बदलाव लाना शुरू किया.
कई बार वो तेज तेज झटके मार रहा था तो कई बार बेहद धीरे धीरे.

मेरी गांड में उसका हर झटका मेरे लिए एक सरप्राइज होता था.

इस सारे सेक्स के दौरान मजेदार बात ये थी कि मोहित और मैं दोनों एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे … बिना कुछ बोले.

शायद वो मेरी आंखें पढ़ रहा था और समझ रहा था कि मुझे भी मजा आ रहा है.

अब उसने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी.
करीब 10-12 मिनट उसने ताबड़तोड़ धक्के मेरी गांड में मारे.

एक बार तो हुआ कि मोहित को बोल दूँ कि ये चुत नहीं है … बल्कि मेरी गांड का छेद है.

मुझे मेरी कई फ्रेंड्स ने बताया था कि कई बार उनके ब्वॉयफ्रेंड जब नाराज होते हैं, तो वो ताबड़तोड़ धक्के चुत में मारते हैं.
चुत तो बनी ही होती है लंड के धक्कों के लिए, तो लड़का जितनी भी ताक़त से धक्के मारे … चुत उसे झेल ही लेती है.

अब तो मैं अपनी गांड में भी मोहित के धक्कों को एन्जॉय कर रही थी.

पर एक लड़की की शारीरिक भूख उसकी चुत में किसी लड़के के लंड से ही बुझ सकती है … गुदा मैथुन से नहीं.

गुदा मैथुन से मजा तो आता है, पर संतुष्टि नहीं मिल सकती … और यही हालत आज मेरी थी.

मोहित लम्बे लम्बे धक्के मेरी गांड में लगा रहा था. पूरी ताक़त से उसने मेरी गांड मारी तो मैंने भी उसे मजा चखाने के लिए अपने दोनों चूतड़ कस लिए.

अब मोहित के मुँह से हल्की से चीख निकल गयी.
शायद वो इसके लिए तैयार नहीं था.

अगर कोई लड़की चाहे तो गुदा मैथुन में एक मिनट के अन्दर ही लड़के का वीर्य निकलवा सकती है.
क्योंकि उसका अपनी गांड की मांसपेशियों पर पूरा नियंत्रण होता है और लड़का बेचारा सोचता है कि वो 15-20 मिनट तक टिक गया.
यहां लड़का नहीं टिकता बल्कि लड़की उससे टिकने देती है.

गांड की मांसपेशियों को कसते ही मोहित का लंड ढीला पड़ गया और उसका लंड बिल्कुल सिकुड़ गया था.
मुझे अपने चूतड़ों में अब कुछ भी महसूस नहीं हो रहा था. हां कुछ चिकना चिकना अपनी गांड से निकलता महसूस हो रहा था.

मोहित का वीर्य छूट चुका था. वो साइड में बिस्तर पर निढाल हो गया था.

पर मेरी हालत तो अब भी वैसे ही थी.
मेरी चुत एकदम गीली होकर तालाब बन गयी थी और मेरे शरीर का टेम्परेचर भी बढ़ गया था.

मेरा चेहरा लाल हो गया था, पूरे शरीर में आग लगी हुई थी. मेरी चुत तो भट्टी के जैसे तप रही थी.

मैंने मोहित की तरफ देखा.
वो बेजान सा मेरे साइड में बिस्तर पर पड़ा था.
उसने मेरी तरफ देखा.

वो मेरे लाल चेहरे को देखकर समझ गया था कि मैं संतुष्ट नहीं हुई हूँ.
उसने मुझे तुरंत अपनी बांहों में भर लिया.

मेरी हाइट छोटी होने के कारण मैं मोहित के शरीर में पूरी तरह समा गयी.

उसने मेरे माथे पर किस किया, फिर मेरे दोनों गालों पर … और फिर एक लम्बा किस मेरे होंठों पर.

किस के दौरान मैंने महसूस किया कि मेरी दोनों टांगें अपने आप फ़ैल गयी थीं और मोहित का लंड अपने अन्दर लेने की कोशिश करने लगी थीं.

लेकिन प्रयास असफल ही रहा; उसका लंड बेजान पड़ा था.

दूसरी तरफ शायद मोहित जानता था कि सेक्स के बाद किसी लड़की को अलग नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि अपनी बांहों में भर लेना चाहिए.

मैं करीब 10 मिनट उसकी बांहों में पड़ी रही.
वो एक बेहद सुखद अहसास था.

दस मिनट के बाद चुपचाप मैंने अपने कपड़े पहने और टैक्सी बुक की. फिर जल्दी से अपने रूम पर आ गई.

रूम पर जाकर मैंने 2 बार अपनी उंगलियों से अपनी चुत की भूख शांत की, तब कहीं जाकर चुत को थोड़ा संतोष हुआ.

अगले दिन सुबह मुझे अपनी गांड में थोड़ा दर्द महसूस हुआ.

मैं अपनी कॉलेज फ्रेंड को फ़ोन करके कोई क्रीम पूछने वाली थी क्योंकि वो तो कॉलेज टाइम से ही बड़े बड़े लंड अपनी गांड में ले रही थी.

दोस्तो, यहां मैं एक बात बता दूँ कि इंजीनियरिंग कॉलेज में हॉस्टल में लड़कियों में अनल सेक्स या गुदा मैथुन बहुत आम बात है … और लड़कियां इसे पसंद भी खूब करती हैं क्योंकि एक तो इससे प्रेगनेंसी का खतरा नहीं रहता और दूसरा आपका ब्वॉयफ्रेंड भी कण्ट्रोल में रहता है. तीसरा इससे मजा भी खूब आता है, तो हमारे हॉस्टल में भी लड़कियां धड़ल्ले से गुदा मैथुन का मजा लेती थीं.

फिर याद आया कि मैं उसे फोन करूंगी तो साली दस सवाल पूछेगी कि किस लड़के से मजे करके आयी है.
तो मैंने चुपचाप वैसलीन अपनी गांड में उंगली डालकर लगा ली. उससे काफी राहत मिल गई.

उसके बाद मेरा मोहित से ऑफिस में मिलना हुआ, पर हम दोनों ऐसा व्यवहार कर रहे थे कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो.

हां मोहित अब मेरी परवाह और मदद और सपोर्ट कई गुना करने लगा था.

आपको मेरी गांड मारी कहानी कैसी लगी, अपनी राय दीजिएगा.
लेखक को मेल लिख कर मेरा उत्साह बढ़ाएं ताकि मैं अपनी अगली कहानी में आपको बता सकूँ कि कैसे मैंने मोहित को अपनी चुत की तरफ आकर्षित किया.

आपकी ही राजसी
[email protected]

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