मेरी बहन की चुदाई परीक्षा के दौरान

मैंने मेरी फुफेरी बहन की चुदाई की. जब एक जवान लड़का और एक जवाँ लड़की एक साथ एक कमरे में रह रहे हों तो उनके बीच वासना की ज्वाला भड़कने में देर नहीं लगती.

दोस्तो, मेरी कहानी में आप सभी का स्वागत है।
मेरा नाम किशन है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं। मैं 24 साल का हूं.

जिस लड़की की कहानी मैं बताने जा रहा हूं उसका नाम पायल है और वह इस समय 23 साल की है. पायल बहुत ही सेक्सी लड़की है।
रिश्ते में वह मेरी बुआ की लड़की लगती है।

बात तब की है जब हम दोनों हाईस्कूल पास करके इंटर में गए थे। मैं घर से बाहर रहकर पढ़ता था और वह हमारे घर में रहकर पढ़ाई कर रही थी क्योंकि उनके गांव में कोई अच्छा स्कूल नहीं था।

जब हमारी बोर्ड परीक्षा का समय आया तो संयोगवश हम दोनों का सेंटर एक ही कॉलेज में गया।
जिस कॉलेज में सेंटर पड़ा था वह हमारे घर से काफी दूर था इसलिए हमारे घर वालों ने हमें वहीं पर एक कमरा किराए से लेकर 1 महीने के लिए हम दोनों को वही रख दिया।

कमरा एक ही था इसलिए एक ही बिस्तर में हम दोनों को सोना पड़ता था।

शुरुआत में मेरे मन में अपनी फुफेरी बहन के साथ सेक्स जैसा कोई भी ख्याल नहीं आया।
लेकिन
एक दिन की बात है, मैं एग्जाम देकर आया और अगले परीक्षा में 3 दिन का अवकाश था तो मैं बाजार से एक सेक्सी पत्रिका लाया और पढ़ने लगा।

उस उस किताब को पढ़ते समय एक लाइन आई कि ‘जब उसने मुझे चोदा तो मेरा रज बहने लगा।’
मुझे इस ‘रज’ शब्द का मतलब बिल्कुल नहीं पता था इसलिए मैंने अपनी बहन पायल से पूछा कि शायद इसे पता हो।

मैंने पायल से बातों बातों में पूछा कि क्या तुम्हें ‘रज’ पता है क्या होता है?
वो थोड़ी असहज महसूस करने लग गई और शरमा सी गई लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
उसने मना कर दिया।

मैं भी जाकर शांत बैठ कर पढ़ने लगा.
थोड़ी देर बाद वह मेरे पास आई और बोली- क्या तुम्हें सच में रज का मतलब नहीं पता?
मैंने कहा- नहीं।

फिर बोली- मैं तुम्हें बता दूंगी लेकिन पहले तुम्हें भी एक चीज का मतलब मुझे बताना पड़ेगा?
मैंने कहा-बोलो?

उसने पूछा ये ‘वीर्य’ क्या होता है।
मुझे इसका भी मतलब नहीं पता था तो मैंने बोला- मुझे नहीं पता।

लेकिन उसे लगा कि शायद मैं बताना नहीं चाहता तो उसने बोला- चलो जाओ, मैं भी नहीं बताऊंगी फिर।
बात वहीं पर खत्म हो गई।

अगले दिन जब मैं बाहर घूमने फिरने गया तो मैं अपने एक दोस्त से मिला और बातों ही बातों में मैंने उससे पूछा- यह वीर्य क्या होता है?
उसने आंखें फाड़कर मुझे देखा और बोला- क्या तुम्हें सच में नहीं पता?
मैंने बोला- नहीं।

उसने बड़ी गहराई से बताया- जब एक आदमी किसी औरत को चोदता है तो जो पानी लंड से निकलता है उसी को वीर्य बोलते हैं।

अब मैं समझ गया कि वह मुझसे यह क्यों पूछ रही थी क्योंकि वह भी शायद जोश में आ चुकी थी।

दरअसल इस वीर्य को मैं पानी के नाम से जानता था लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि इसे वीर्य बोलते हैं।

मैं तुरंत अपने दोस्तों से बहाना बनाकर अपने कमरे की तरफ भागा क्योंकि मैं बहुत खुश हो गया था कि शायद आज मुझे अपनी बहन को चोदने का मौका मिल सकता है।

जब मैं कमरे में पहुंचा तो देखा कि मेरी बहन सो रही थी लेकिन उसकी स्कर्ट जांघों से ऊपर खिसकी हुई थी और उसकी चड्डी में उसकी चूत का त्रिभुज बना हुआ था. उसे देख कर मेरा लंड बिल्कुल टाइट हो गया।

मैं जाकर बिल्कुल पास में बैठ कर उसकी चूत और जांघों के बीच में बना त्रिभुज देखने लगा।
बिल्कुल किसी बरमूडा ट्रायंगल की तरह लग रहा था जहां कोई एक बार घुस जाता है तो खो जाता है।

मैंने थोड़ी देर इंतजार किया और जब मेरी बहन जाग गई तो मैंने उससे बोला- कल तुम जो वीर्य के बारे में पूछ रही थी, वह मुझे पता चल गया है।
उसने चहकते हुए पूछा- क्या होता है?

मैंने साफ शब्दों में बोला कि जब एक आदमी और औरत आपस में चुदाई करते हैं तो जो आदमी के लोड़े से पानी निकलता है उसे वीर्य बोलते हैं।
ऐसे साफ शब्द सुनकर मेरी बहन पायल शर्मा गई और वहां से हंस कर चली गई।

फिर रात को जब हम लोग खाना खा पीकर सोने की तैयारी करने लगे तो थोड़ी देर हमारी इधर-उधर की बातें चली।

बातें करते-करते ही मैंने अपना एक पैर उसके ऊपर चढ़ा दिया और अपना हाथ उसके पेट में रख दिया। उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और शांत लेटी रही।
मैं समझ गया कि इसकी तरफ से भी शायद कहीं ना कहीं हां है वरना मेरा हाथ या पैर हटा देती।

मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ ऊपर ले जाकर उसकी चूची का काला दाना मसल दिया।
वह एकदम से चिंहुक उठी लेकिन मेरा हाथ नहीं हटाया।
मैं समझ गया कि मेरी बहन अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार है।

तुरंत मैंने अपने होंठ उसके होठों से चिपका दिए। उसने जोर लगाकर मुझे पीछे धकेला लेकिन मैंने उसे कस कर फिर से पकड़ लिया और अपना हाथ उसकी पैंटी के अंदर डालते उसकी चूत को रगड़ दिया।

पहले उसकी टांगे चिपकी हुई थी लेकिन 2 मिनट चूत रगड़ने के बाद उसने अपनी टांग उठा कर मेरे ऊपर रख दी जिससे उसकी चूत तक मेरा हाथ बड़ी आसानी से पहुंचने लगा।

कुछ देर तक उसकी चूची और चूत रगड़ने के बाद मैंने उसका सलवार का नाड़ा खोला और उसका कुर्ता भी उतार दिया।
अब मेरी बहन मेरे सामने लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहने हुए लेटी हुई थी।

कसम से जब कोई सेक्सी लड़की लाल रंग की ब्रा और पैन्टी पहनती है तो वह और ज्यादा सेक्सी लगने लगती है। आप समझ नहीं सकते कि मेरा क्या हाल हुआ होगा देख कर। मन कर रहा था तुरंत साली को पटक कर चोद दूं।

लेकिन मैंने थोड़ा सब्र रखा और धीरे-धीरे सारे काम करना सही समझा।

फिर उसने कहा- तुम भी अपने कपड़े उतारो।
मैंने कहा- तुम ही उतार दो ना!

उसने मेरी शर्ट उतार दी और फिर पैन्ट उतारी।
उसने चड्डी के अंदर मेरा तना हुआ लंड जब देखा तो बोली- यह तो बहुत बड़ा लग रहा है, कैसे जाएगा मेरे अंदर?

मैं बोला- धीरे-धीरे डालूंगा, पूरा चला जाएगा, तुम चिंता मत करो। बस तुम टांगें फैला कर लेट जाओ।
वह अपनी चूत फैलाकर लेट गई।

फिर मैंने उसकी चूचियां रगड़ी और एक उंगली उसकी पैन्टी के अंदर डालकर चूत के अंदर डाल दिया।
वह तड़पती रही और मैं उसकी चूत में तेजी से उंगली चलाता रहा।

15 मिनट बाद जब उससे रहा नहीं गया तो उसने मुझे धक्का देकर बोला- अब मुझे चोदोगे भी या बस उंगली करते रहोगे, अब इससे ज्यादा और मुझसे नहीं रहा जाता।

मैंने तुरंत उसकी पैन्टी और ब्रा उतार कर फेंक दी। उसने भी तुरंत मेरी चड्डी उतारी और लौड़ा अपने मुंह में ले लिया।
2 मिनट तक खूब जमकर उसमें चूसा और ऐसे चूसा जैसे कोई माहिर खिलाड़ी हो।

उसके बाद अपनी गांड फैला कर लेट गई और बोली- मुझे चोदो जल्दी से।

अपना लंड मैंने उसकी चूत पर सेट किया और धीरे से धक्का मारा। उसने पूरा का पूरा चादर अपने दोनों मुठ्ठियों में भींच लिया और जोर से चिल्लाई ‘इस्स्स … आहहह … हहहह …’
और 2 इंच ऊपर खिसक गई।

मैंने दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.
वह जोर से चिल्लाई- हाय … मार डाला।

लेकिन मैंने जब नीचे देखा तो उसकी चूत से कोई खून नहीं निकला.
तो मैंने उसे पूछा- तुम्हारी चूत से खून क्यों नहीं निकल रहा?
तो उसने बताया कि वह तीन चार बार पहले भी चुद चुकी है।

खैर यह कहानी में अपनी अगली कहानी में बताऊंगा कि वह किससे, कहां और कैसे चुदी थी।

फिर उसने अपने दोनों हाथ मेरे कूल्हों पर लगाया और खूब जोर से दबाया जैसे वह कह रही हो कि और ज्यादा डालो।

मैंने भी पूरा जोर लगाकर जोर जोर से धक्के मारने शुरू किया और वह पड़ी चिल्लाती रही- और चोदो … और चोदो … और अंदर तक डालो … पूरा डाल दो मेरी चूत में … उम्म्ह… अहह… हय… याह… मजा आ रहा है।

थोड़ी देर बाद वह जब थक गई तो हमने पोजीशन बदली और वह मेरे ऊपर आकर बैठ गई। उसने मेरा लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत के छेद में सेट किया और धीरे-धीरे बैठने लगी।

तभी मुझे भी शरारत सूझी और मैंने नीचे से तेजी से अचानक धक्का मार दिया. वह इस धक्के के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी जिससे मेरा लंड पूरा चूत की गहराई तक चला गया और उसकी बच्चेदानी से टकरा गया।

अचानक से वो उचक गई और चूत दबाकर लेट गई, बोली- बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने उसकी एक ना सुनी और उसे जबरदस्ती उठाकर अपने लोड़े पर बिठा लिया।
शुरुआत में थोड़ी देर तक मैंने धक्के मारे उसके बाद जब उसे चुदने में मजा आने लगा तो मेरी बहन खुद से ही धक्के मार मार के मेरे लोड़े से चुदने लगी।

उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में मैं अपना लंड डाल दिया और उसकी जमकर चुदाई की।
हमारी पहली चुदाई काफी देर तक चली जिससे वह पूरी तरह से थक गई और पूरी पसीने से भीग गई और मैं भी भीग गया था। हम दोनों ही बहुत ज्यादा थक चुके थे।

जब मेरा वीर्य निकलने को हुआ तो मैंने पूछा- मैं अपना पानी कहां गिरांऊ?
तो उसने बोला- यह मेरे भाई का कीमती वीर्य है, इसे बर्बाद नहीं होने दूंगी। मेरी चूत के अंदर ही गिराओ।

मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत के अंदर ही उड़ेल दिया जिससे उसे इतना मजा आया कि वह आंखें बंद करके चैन की सांस लेने लगी।

दोस्तो, मैं क्या बताऊं … चूत के अंदर पानी गिराने का मजा ही अलग होता है।

उसके बाद मैं थक कर बिस्तर में एक तरफ लेट गया और वह मेरे ऊपर लेट गई।
आधे घंटे बाद हमारा फिर से मौसम बना और एक बार फिर से मेरा लंड उसकी चूत में कहीं खो गया।

उस रात हम दोनों भाई बहन की चुदाई कम से कम 3 बार हुई और इन 3 दिनों की छुट्टियों में मैंने उसे जमकर चोदा।

जब तक महीने भर हमारी परीक्षा चली मैंने उसे हर रात जमकर अलग-अलग पोजीशन में चोदा जिससे वह पूरी तरह से तृप्त हो गई।

अब हम दोनों भाई बहन को जब भी मौका मिलता है जमकर चुदाई करते हैं।

प्लीज दोस्तो, आपसे निवेदन है कि आपको मेरी कहानी अच्छी लगी या नहीं … मुझे ईमेल और कमेंट्स करके जरूर बताएं.

मेरी ईमेल आईडी है
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