मुझे पापा के दोस्त ने चोदा-1

मुझे भगवान् ने बहुत प्यारी खूबसूरत बनाया है मेरा कद 5’8″ है. मैंने अपने शरीर को खूब संवार कर रखा हुआ है. मुझे सबसे पहले पापा के दोस्त ने चोदा. कैसे?

सभी पाठकों को मेरी नमस्कार!
मेरा नाम सुखजोत कौर है. आज मैं आपको अपनी ज़िंदगी की सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ.

मैं पंजाब के अमृतसर शहर में रहती हूँ, मेरी उम्र 25 साल है. मेरे घर में मैं और मेरे पापा ही हैं.
मुझे भगवान् ने बहुत ही प्यारा और खूबसूरत बनाया है मेरा कद पांच फुट आठ इंच का है. मैंने अपने शरीर को खूब संवार कर रखा हुआ है.

अब हम कहानी की शुरुआत करते हैं.

मेरे पापा का एक दोस्त था, उसका नाम राजेश था. वो अक्सर ही हमारे घर पर आ जाता था. उसकी उम्र 40 साल की थी, उसकी शादी नहीं हुई थी. उनका शरीर काफी तकड़ा बना हुआ था. मैं उनको अंकल ही कहती थी. वो मेरे पापा को मेरी छोटी उम्र से जानते थे.

मेरे पापा और राजेश अंकल दोनों साथ में शराब पीते थे और राजेश अंकल कई मर्तबा रात को भी हमारे घर पर ही रुक जाते थे. वो मेरे साथ भी एक दोस्त की तरह बातें कर लेते थे.

मैं अपने घर में पजामा और टीशर्ट पहनती थी, रात को सोने से पहले मैं शॉर्ट्स पहन लेती थी.

एक दिन राजेश अंकल हमारे घर आये हुये थे. वो पापा के साथ शराब पी रहे थे. मैंने उनको खाना भी दे दिया था और मैं अपने कमरे में आ गयी थी, मैंने शॉर्ट्स पहन लिये थे.
तभी मेरे कमरे में राजेश अंकल आ गए, वो बोले- क्या कर रही है हमारी सरदारनी?
अंकल मुझे सरदारनी कहते थे क्योंकि मैं अपने फेसबुक और व्हाट्सप्प पर जब भी फोटो डालती थी तब साथ में सरदारनी लिख देती थी.

मैंने सफ़ेद रंग की टीशर्ट और नारंगी रंग की नाईट शार्ट पहन रखी थी.

अंकल बेड पर बैठ गए और मेरा हाल चल पूछ रहे थे. फिर उन्होंने मेरी पढ़ाई के बारे में पूछा उन्होंने उस दिन काफी शराब पी हुई थी. मैं उनके साथ बैठी थी. राजेश अंकल ने अपना एक हाथ मेरे कंधे के ऊपर रख लिया.

हम दोनों और बातें करते रहे. उन्होंने मुझे चॉकलेट दिये. वो जब भी हमारे घर आते थे तो मेरे लिये कुछ लेकर ही आते थे.

फिर वो बोले- तुम छोटी सी थी, तब तुमको अपनी गोद में खिलाया करता था.
मैं उनकी यह बात सुनकर शर्मा गयी.

तभी अंकल ने कहा- मेरे लिये तो तुम अब भी छोटी सी परी हो. आओ मेरी गोद में बैठ जाओ.
मैं उनकी यह बात सुनकर हैरान सी हो गयी. मैंने सोचा कि इनको नशा हो गया है.

तभी वो बोले- तुम अपने अंकल की इतनी सी बात भी नहीं मानोगी?
फिर मैंने सोचा कि चलो गोद में बैठने से क्या होगा.
और मैं अंकल की गोद में बैठ गयी.

अब उन्होंने अपनी दोनों बाँहों में मुझ को ले लिया था. वो बोले- कैसा लग रहा है?
मैंने कहा- ठीक है.
वो मुझको कहने लगे- तुम बहुत ही खूबसूरत हो. हर कोई तुम पर मोहित हो जायेगा. मैं भी तुमको बहुत प्यार करता हूँ.
मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि राजेश अंकल को क्या हो गया है.

फिर वो बोले- तुम अपना समय लो और मुझको बताओ कि क्या तुम मुझ से प्यार करती हो.
यह कह कर उन्होंने मेरी एक गाल पर चुम्मी की और बोले- अब तुम सो जाओ.
इसके बाद वो अपने कमरे में चले गए.

रात के 12 बजने बाले थे. मैंने कमरे की लाइट बंद की और बेड पर लेट गयी. मेरे दिमाग में अंकल की कही हुई बात ही घूम रही थी. मैं सोच रही थी कि शायद अंकल ने नशे में बोल दिया हो लेकिन तभी मेरे मन में उनका चुम्बन आ जाता.
ऐसे सोचते हुए मुझे नींद आ गयी.

अगले दिन भी मेरे दिमाग में राजेश अंकल की बात ही घूम रही थी. मुझे शाम को व्हाट्सप्प पर अंकल का मैसेज आया. उसमें लिखा था- तो मेरी प्यारी सरदारनी ने क्या सोचा है?
मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, मैंने जवाब लिख दिया- अभी कुछ नहीं सोचा है.
अंकल ने कहा- कोई बात नहीं, तुम अपना समय लो. पर मुझे पूरा यकीन है तुम हाँ में ही जवाब दोगी.

उसके बाद वो मुझको रोमांटिक मैसेज भेजने लग गए.
ऐसे ही अब हमारी मैसेज पर बातें होने लग गयी.

एक दिन राजेश अंकल हमारे घर पर आये लेकिन वो मेरे कमरे में नहीं आये.
मैंने उनको मैसेज पर पूछा- आप मेरे कमरे में क्यों नहीं आये?
वो बोले- अच्छा अब तुम्हारा मेरे बिना दिल नहीं लगता?
मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं है. मुझे लगा शयद आप नाराज़ ना हों!

अंकल बोले- अब तो मैं तुम्हारे कमरे में तभी आऊंगा जब तुम मुझ को हाँ बोलोगी.

मेरी एक सहेली थी उसका नाम हरजोत कौर था. उसका अपने एक टीचर के साथ चक्कर था. मैंने उसको पूरी बात बताई.
उसने मुझे कहा- जो मर्द उम्र में ज्यादा बड़े होते हैं वो दूसरों से जयादा प्यार करते हैं.

मैंने उसके टीचर के साथ सम्बन्ध के बारे में पूछा.
उसने बताया- मेरा टीचर मेरी लेता जरूर है पर मुझे प्यार भी बहुत करता है. और तुम्हारी भी राजेश अंकल लेंगे और तुमको ऐश भी करवाएँगे.

मैंने उसकी बातों को घर आ कर सोचा. मेरे दिमाग में आया राजेश अंकल से ऐसे पीछा नहीं छूटेगा, एक बार हाँ कर देती हूँ.

इस तरह अंकल जब भी मेरे घर आते, वो मेरे कमरे में ना आते. वो एक तरह से मुझे तड़फा रहे थे और मेरे दिल को भी कुछ कुछ हो रहा था.

एक रात को उनका मुझे फ़ोन आया. उस रात मेरा दिल बहुत ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था.
मैंने अंकल को कहा- क्या आप सच में मुझसे प्यार करते हो?
उन्होंने कहा- हाँ मेरी प्यारी सरदारनी! मेरा सब कुछ तुम्हारा है.
मैंने भी कह दिया- तो ठीक है, मैं भी आपसे प्यार करती हूँ.

वो बहुत खुश हुए और बोले- तुम इसका मतलब समझती हो?
मैंने कहा- मैं आपसे प्यार करती हूँ. बस इतना सा पता है मुझे.
वो बोले- प्यार का सबूत देना पड़ता है, वो तुम दोगी?
मैंने कहा- मुझे समझ नहीं आया.
वो बोले- समझ तो तुम सब गयी हो.

उन्होंने मुझे कहा- अब मैं तुम्हारे कमरे में तुम्हारी चुदाई करने ही आऊंगा.
उनकी यह बात सुनकर मुझे यकीन तो हो गया था राजेश अंकल मुझे ऐसे नहीं छोड़ेंगे.

इसके बाद वो मुझ से फ़ोन पर सेक्स की बातें करते रहते थे. रात को सोते समय हम फ़ोन पर बात करते थे. वो मुझे कहते थे- तुम्हारे मम्मे बहुत सुन्दर हैं, मेरा उनको चूसने का दिल करता है. क्या तुम अपने मम्मे मुझ से चुसवाओगी?
अगर मैं उनके सवाल का जवाब ना देती तो दोबारा फिर से वही सवाल पूछते थे.
फिर मैं भी कह देती- हाँ चूस लेना मेरे मम्मों को.

वो कहते- क्या तुम अपनी चूत मुझ से चुसवाओगी?
मैं कह देती- हाँ चूस लेना मेरी चूत को भी.

उनकी बातें सुन कर मेरी चूत में से पानी निकल जाता था. तब मुझे एहसास हुआ शायद मेरी चूत अंकल के लंड से ही फटेगी.

कुछ दिन बाद राजेश अंकल हमारे घर आये. मैं अपने कमरे में थी. उस दिन मैंने सूट ही पहन रखा था.
काफी रात हो गयी थी, मेरा दिल ज़ोरों से धड़क रहा था. मुझे पता था आज अंकल कमरे में जरूर आएंगे और मेरी चुदाई करेंगे.

तभी कुछ देर बाद अंकल आ गए वो बेड पर बैठ गए और बोले- मेरी प्यारी सरदारनी, आओ मेरी गोद में बैठो.
मैं चुपचाप उनकी गोद में बैठ गयी. मैं थोड़ी डरी हुई भी थी.

तभी अंकल बोले- सरदारनी, ऐसे डरो मत, मैं तुमसे प्यार करता हूँ. तुम्हारी मर्ज़ी के बिना कुछ नहीं होगा.
मैंने अंकल को कहा- हमारी शादी नहीं हुई है तो यह सब करना गलत है.
वो बोले- शादी भी कर लेंगे.

यह कहते ही वो बेड पर लेट गए और मुझे अपने ऊपर लिटा लिया.
उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया.
अब अंकल ने मेरी चड्डी में हाथ डाला और चूत पर रख लिया.
मुझे एकदम से करंट सा लगा. मुझे लगा कि आज तो मेरी चुदाई होगी.

वो अपने हाथ से मेरी चूत को सहला रहे थे. उन्होंने मेरी गाल पर अपने होंठों से चूसा और अपनी पैंट ढीली कर दी और मेरा हाथ पकड़ के अपनी चड्डी में लंड पकड़ा दिया.
वो बोले- इसको पकड़ के ऊपर नीचे करो.
मैंने वही करना शुरू कर दिया.

उनका लंड सख्त होता जा रहा था, वो मेरी चूत में उंगलियाँ डाल रहे थे.

उन्होंने अपना लंड चड्डी में से बाहर निकाल लिया और मेरी चड्डी को भी नीचे खिसका दिया. मुझे लगा अब तो अंकल मेरी चूत के अंदर अपना लंड डालने वाले हैं.

उन्होंने अपने हाथों से मेरे चूतड़ों को दबा दिया. अब उनका लंड मेरी चूत से छू रहा था. मैंने उनको कहा- अभी रुक जाओ.
वो बोले- जिस दिन मैं तुम्हारी चुदाई करूंगा, पहले तुमको पूरी नंगी करूंगा. अभी तुम कुछ और दिन कुंवारी रहोगी.

उस दिन वो बहुत नशे में थे. वो बोल रहे थे- मैं तो आज पूरी तैयारी के साथ आया था सरदारनी की चुदाई करने के लिये! पर अब तो तुमसे पहले शादी ही करेंगे, उसके बाद सुहागरात मनायेंगे.
यह कहते हुए वो सो गए और मैं भी उनके साथ ही सो गयी.

अगली सुबह जब मैं उठी, तब तक वो जा चुके थे.
मैं अब राजेश अंकल के ख्यालों में ही खोई रहती थी. शायद भगवान् को भी यही मंज़ूर था.
मैंने अपनी सहेली को रात की घटना बताई.
उसने मुझे कहा- तुमने गलती की है, चुदाई तो तुम्हारी अंकल ने करनी ही है. जितनी जल्दी तुम उनसे अपनी चुदाई करवा लोगी तुम्हारे लिये उतना ही अच्छा होगा.

फिर मैंने राजेश अंकल से फ़ोन पर माफ़ी मांगी.
वो बोले- कोई बात नहीं, अगर मैंने तुम्हारी चुदाई करनी होती तो तुम रोक नहीं सकती थी. सही समय पर ही तुमको चोदूंगा.

अब मेरी चूत को एक मर्द का लंड छू चुका था तो मुझसे सबर नहीं हो रहा था.

कुछ देर में अंकल आ गए. उनके पास एक बैग था. वो मेरे पास आये और मुझे अपनी छाती से लगा लिया और बोले- आज मैं सरदारनी से शादी करने आया हूँ.
वो बोले- क्या तुम शादी के लिये तैयार हो?
मैंने कहा- हम शादी ऐसे कैसे कर लेंगे?
तभी उन्होंने अपने बैग में से कुछ छोटी छोटी लकड़ियाँ निकाल ली और कहने लगे- मैं आग जलाने लगा हूँ. तुम बस तैयार हो जाओ.

उन्होंने बाहर आग जला ली और मुझे बैग में से निकाल के कपड़े दे दिये. वो सब लाल रंग के थे. लाल रंग की टीशर्ट और शॉर्ट्स लाल रंग की ही ब्रा और चड्डी थी. वो मेरे साथ शादी करने वाले थे.

जब मैं कपड़े पहन के उनके सामने आयी वो बोले- सरदारनी तो माल लग रही है.
उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोले- अब हम इस आग के साथ सात फेरे लेंगे.
और हमने आग के साथ फेरे ले लिये.

उसके बाद उन्होंने सिंदूर निकाला और मेरी मांग में भर दिया.
अंकल बोले- आज से सरदारनी … तुम मेरी हो. तुम पर सिर्फ मेरा अधिकार है.

उन्होंने आग पर पानी डाल दिया और कहा- अब हमारी सुहागरात का समय है, तुम कमरे में जाओ, मैं आता हूँ.

कहानी जारी रहेगी.
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कहानी का अगला भाग: मुझे पापा के दोस्त ने चोदा-2

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