मामी की ख़ास शादीशुदा सहेली की सील तोड़ी

हेलो दोस्तों, मैं रोहित, वापिस आप सबके सामने एक नयी और मज़ेदार कहानी लेकर आया हु। शुरू से ही मेरे मेरी मामी के साथ नाजायज़ सम्बन्ध थे। पहली बार भी मैंने उनके साथ ही सेक्स किया था और पिछले दो साल से वही चलता आ रहा है और मैं खुश भी हु। मैं रहता मुंबई में हु और मेरी मामी पुणे में रहती है जो ज़्यादा दूर नहीं है। मेरे मामा बैंक मैनेजर है और अक्सर घर के बहार ही रहते है। मैं अक्सर उनके घर जाता हु और मामी के साथ अछा वक़्त भी गुज़रता हु। हम दोनों बातें भी शेयर करते है बहुत कुछ। 

कुछ एक महीने पहले जब मैं उनके यहाँ गया तो एक बहुत ही खूबसूरत औरत बैठी थी। वो मेरी मामी के ख़ास सहेली थी और पड़ोस में रहती है। मुझे इस बात का उसी ही दिन पता चला। अब मैं अंदर आया तो मामी ने कमरे में जाने का इशारा किया। कुछ देर बाद मामी आयी वो मैंने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया। मैं उनके बदन को चूमने लगा और उनकी चूचियों को मसलने लगा। कुछ एक मिनट में हम दोनों बिस्तर पर थे और बिलकुल नंगे। मामी काफी दिन से चूड़ी नहीं थी इसलिए उसने अपनी गांड में लंड डालने का इशारा किया। मैंने तुरंत उनकी गांड से अपने लंड को रगड़ने लगा और सही मौके पर चोदने लग गया। 

कुछ वक़्त जब हम दोनों थक गए तो मामी मेरे बाहों में थी। मैं मन ही मन सोच रहा था की काश मामी की सहेली की चुत मिल जाती। मैंने मामी से पूछा ”आपकी दोस्त दिखने में बहुत मस्त है”

मामी ने कहा ”बहुत अच्छी है उसका नाम अनु है”

मैंने कहा ”हां बहुत मस्त है”

मामी ने उदास चेहरे से कहा ”हम्म,,,लेकिन”

मैंने कहा ”चुप क्यों हो गए”

मामी ने कहा ”तू किसीसे मत कहना यह बात”

मैंने कहा ”नहीं बोलूंगा मेरी जान”

मामी ने कहा ”उसका पति उसे कभी कभी मारता भी है और दारु भी पीटा है बहुत। वो बिचारी प्यार की भुकी है”

मैं मन ही मन सोच लिया इन सबके साथ एक मोठे और लम्बे लंड की भी ज़रूरत है अनु को। अब मैं उस दिन मन ही मन में अनु के बारे में सोच रहा था। जब भी मामी मुझे किश करती तो मैं साथ तो दे रहा था, लेकिन उतना जोश नहीं। 

रात को मामी ने कहा ”तू अनु के बारे में सोच रहा है न?”

मैंने कहा ”नहीं, ऐसा कुछ नहीं है”

मामी ने कहा ”झूट मत बोल, मैं सब समझती हु”

मामी ने फिर हस्ते हुए कहा ”साले चुत की पुजारी, रुक जा करवाती हु कोई जुगाड़”

मैंने उस रात मेरी मामी की चुत का भोसड़ा बना दिया चोद चोद के। अगले दिन अनु घर आयी थी और मैं वही था। मेरी मामी चाय बनाने लग गयी और अनु मेरे साथ बातें करने लग गयी। उस दिन अनु ने मेरी पढाई और मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा। हम दोनों के बीच काफी हसी मजाक हुई। चाय भी हम दोनों ने साथ में पी और खूब साड़ी बातें की। अनु मुझसे बिलकुल घुल मिल चुकी थी। 

मामी ने कहा ”शायद तेरा काम नहीं हो पायेगा, वो तेरी हो नहीं सकती, मैंने इशारो में पूछा, लेकिन उसने मना कर दिया”

मैंने कहा ”ठीक है, बाद में देखेंगे”

अब शाम को ९ बजे के करीब लाइट चली गयी पुरे एरिया की। अचानक अनु का फ़ोन आया मेरी मामी के फ़ोन पर। अनु को घर से बहार निकलने में भी डर लग रहा था और घर के अंदर भी। 

मामी ने कहा मुझसे ”मौका अच्छा है, देख वो तुझसे सेट हो पाती है या नहीं”

मैं उनके घर गया तोह बिलकुल अँधेरा, उस दिन उन्होंने लाल रंग की साड़ी और ब्लाउज पहने थे। उनकी चूचियां इतनी बड़ी है की मन करता है दिन भर मसलता रहु। अब मैं अंदर गया और कुछ मोमबत्ती जला दी। अनु को देखकर मेरा लंड तन्न गया क्यूंकि उसका पीछे से गहरा ब्लाउज और मोती कमर देखकर कोई भी पागल हो जाए। हम दोनों रूम में बैठे थे और कुछ बातें भी चल रही थी। अनु उठकर किचन में गयी कुछ खाने के चीज़ लेने। मैं चुपके से गया और उनकी कमर को अपनी हाटों से पकड़ लिया और उनके गले को चूमने लगा। 

अनु मुझे दूर करने की बहुत कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उससे कसकर पकड़कर रखा था। 

अनु ने कहा ”मुझे छोडो,,यह सब गलत है”

मैंने हस्ते हुए कहा ”मैं जनता हु तुम कितनी प्यासी हो, चुप रहो, किसीको पता नहीं चलेगा”

कुछ देर बाद अनु मान गयी और वो मेरा साथ देने लग गयी। वो पीछे मेरे खड़े लंड को पकड़कर दबा रही थी। सोचने वाली बात यह है की अब तक अनु की सील नहीं टूटी थी। मैं अनु की पीट को चुम रहा था और कमर को साथ ही मसल रहा था। कुछ देर बाद मैं अनु को बैडरूम में ले गया वो बिलकुल एक नयी दुल्हन की तरह शर्मा रही थी। 

अनु बेड पर लेट गयी और कहा ”तुम पहले मर्द हो जिसने मुझे किश किया और अब मेरी सील भी तोड़ने वाले हो”

मैं सुनकर खुश हो गया की असली चुदाई का मज़ा तो अब है।

मैंने हस्ते हुए कहा ”तुम किसी क़यामत से कम नहीं हो ”

अनु ने शर्माकर मुँह मोड़ लिया। मैं धीरे धीरे उनके बदन से साड़ी को अलग कर रहा था। मैंने उनके ब्लाउज भी खोल दिया। सोचने वाली बात यह है की उन्होंने रात को ब्रा और पैंटी नहीं पहनी। मैं उनकी गोरी गोरी और कामुक चूचियों को चूस रहा था। उन्होंने टांगें उठायी और मुझे अपनी तरफ और खींच लिया। इस वक़्त अनु मेरे सामने बिलकुल नंगी थी। मैं उसके पुरे बदन को निहार रहा था और वो शर्माकर बार बार अपनी चूचियों को चुसवाने का इशारा कर रही थी। अनु को अपनी चूचियों को चुसवाने का शौक था। 

मैंने कहा ”चलो अब वक़्त आ गया है की तुम्हारी सील तोड़ी जाये”

अनु ने कहा ”प्लीज धीरे करना, मैं दर्द नहीं सहन कर पाऊँगी”

मैंने कहा ”चुप होजाओ बस”

मैंने अपने लंड को अनु की चुत पर सेट किया और बहुत ही ज़ोर से धक्का दिया। इतना ज़ोर था की अनु की चीखें पुरे कमरे में गूंज रही थी। मेरे लंड के भरे जोश से अनु की सील एक बार में टूट गयी और अब तो चुदाई का असली मज़ा था। मैं जमकर ठुकाई थी और वो भी अलग अलग पोजीशन से। सबसे ज़्यादा मज़ा आया जब वो मेरे ऊपर बैठी और खुद अपनी चुत को अंदर बहार कर रही थी। उसकी चूचियों जो इतनी बड़ी बड़ी मेरे सामने हिल रही थी साथ में उसके बदन से खुशबू, उफ़ मुझे मार ही डालेगी। मैं उस वक़्त बिलकुल खो गया था। कुछ १५ मिनट की चुदाई के बाद, मेरा लंड रस छोड़ने ही वाला था। 

मैंने कहा ”कहा गिराऊ अपना रस, तुम्हारे चुत के रस ने तो मेरा लंड गीला कर दिया ‘

अनु के कहा ”रुको मेरे मुँह में”

अनु ने मेरे भीगे हुए लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी। मैंने थोड़ा सा कण्ट्रोल किया और लंड को चुसवाते रहा। कुछ वक़्त बाद मैंने सारा रस अनु के मुँह में गिरा दिया। अब कुछ ऐसा है मैं अपनी मामी और अनु दोनों की ठुकाई साथ में करता हु। हम तीनो को अब खूब मज़ा आ रहा है। अनु पहले से और ज़्यादा सेक्सी हो गयी और मेरी मामी के तो क्या ही कहने। 

दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी आपको, ज़रूर बताना मुझे।  

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