बुआ की प्यासी सहेली की वासना मिटाई

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मैं झारखडं का रहने वाला ह। मेरी उम्र २५ साल है और मुझे ३० से ५० के बीच की उम्र की औरतों के साथ सेक्स करना बहुत पसंद है। मुझे यह लगता है की ऐसी औरतें बड़ी चुडासी होती है। यह कहानी आज से ६ महीने पहले की है और यह मेरे और मेरी बहा की ख़ास सहेली के बीच की कहानी है। 

मेरी बुहा के सहेली का नाम अंजू था और उनका तो क्या ही कहना। उनकी उम्र कुछ ३४ साल है और दिखने में बहुत ही गज़ब और खूबसूरत। उनकी चूचियों का साइज ३८ है और गांड ऐसी है की देखते ही सीधा लंड खड़ा हो जाए। आअह्ह्ह्हह उनकी चुत के तो क्या ही कहने। एकदम नरम, गुलाबी, रसगुल्ले जैसी मीठी चुत,,मैं करता है दिन भर जीब फेरते रहते है। इस उम्र में ऐसी चुत मिलना ना के बराबर है। यह कहानी है नए साल शुरू होने से कुछ दिन पहले की। मैं बुहा के यहाँ गया था बस घूमने। उसी दिन अंजू भी आयी थी। अंजू पड़ोस में ही रहती है। हम दोनों की नज़रें मिली तो अंजू मेरी तरफ देखकर अचे से मुस्कुरा रही थी। शाम के वक़्त अंजू वापिस आयो तो मैं उनसे डबल मीनिंग बातें करने लगा तो वो भी मजे से जवाब दे रही थी। मैं समज गया था की यह औरत चुडासी है और चोदने में मजा आने वाला है। मेरे मैं में अब बस अंजू के साथ सोने का ख्याल था। 

अगले दिन जब वो दोपहर को घर आयी तोह गहरे ब्लाउज में बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मैं उनकी चूचियों को ताड़ रहा था। अंजू को समाज आ गया था जिससे उन्होंने अपना पल्लू नीचे की तरफ गिरा दिया। मैं समाज गया अंजू की ठुकाई गज़ब की होने वाली है। मेरा लंड खड़ा होने लगा,,मैं चुपके से अपने लंड को सेहला रहा था। अंजू मेरी तरफ गांड मटकाते हुए चली गयी। 

शाम को अंजू ने कहा ‘मेरे घर बहुत अच्छी बिरयानी बानी है‘

बूहा ने कहा ”मैं नहीं आ सकती, हमारा खाना बन चूका है”

अंजू ने हस्ते हुए कहा ”ठीक है तू मत, अजय को भेज दे”

मैं अंजू के साथ उनके घर चला गया। पहले तो हमारे बीच बिलकुल नार्मल बातें हो रही थी। लेकिन फिर कुछ नॉन वेग बातें भी होने लग गयी। मुझे समज आ रहा था की चुदाई का अच्छा मौका है। बातें करते करते अंजू ने अपना पल्लू थोड़ा नीचे कर लिया जिससे पता चल रहा था यह चुदाई के लिए तड़प रही है। अब तो मेरी तरफ कातिलाना तरीके से देख रही थी। मैं सीधा उठा और पीछे से उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबाने लग गया। 

अंजू ने कहा ”धीरे करो,,सब तुम्हारा ही है‘

इसके बाद मैंने हस्ते हुए अंजू को ज़ोर से किश करने लगा और साथ में चूचियों को भी और ज़ोर से दबाने लगा। उनकी सिसकियाँ से मैं समाज रहा था उन्हें मजा आ रहा है। तकरीबन ५ मिनट के बाद मैंने अंजू को बाहों में भरा और सीधा बैडरूम में ले आया और दरवाज़ा बंद कर दिया। अंजू मुझे कामुक नज़रों से देख रही थी जैसे कोई रंडी बुला रही हो। मैं अंजू के पास गया और अंजू की ब्लाउज और ब्रा दोनों को उतार फेक दिया और अब तो उनकी चूचियों बिलकुल मेरे हातों में थी। ऐसी नरम और गज़ब की चूचियां मैंने पहली बार देखी। 

मैं अंजू की एक चूची के निप्पल को चूसने लगा और दूसरे चुची को हातों से मसलने लगा। अंजू ‘अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी जिससे मेरा जोश और बढ़ने लगा। मैं उनकी दोनों चूचियों का जमकर मज़ा ले रहा था। ऐसे ही करते करते मैं अंजू के बदन को चाटने लगा। उनका नरम नरम पेट सच्ची में लाजवाब था। उनके बदन को चूमते हुए मैं अपनी एक ऊँगली उनकी चुत में घुसा दी। उनकी चुत बिलकुल भीगी हुई थी और चुदने के लिए तैयार थी। 

अंजू ने अपनी टांगें फैला दी जिससे समज आ गया की चुत को चाटना है। मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट दोनों उतार दिए। अंजू मेरे सामने बिलकुल नंगी थी। जैसे ही मैं उनकी चुत देखी, देखता ही रह गया। एकदम गोरी और मुलायम, ऐसी चुत मैंने आज तक नहीं देखी। मैं तुरंत उनकी चुत पर टूट पड़ा। मैं ऊँगली दाल डालकर उनकी चुत का रस पी रहा था। अंजू भी ‘अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह‘ करके मेरे अंदर और जोश भर रही थी। सच में ऐसी चुडासी औरत मैंने पहली बार देखी। इतने में ही अंजू ने सारा रस मेरे मुँह में दाल दिया, मैं तुरंत उस रस को अंजू के मुँह में दाल दिया और किश करने लगा। हम दोनों चुत के रस का मज़ा ले रहे थे। मैंने थोड़ी देर में अपना ८ इंच लम्बा लंड अंजू के मुँह में दे दिया जिससे वो बिलकुल लोल्लयपोप की तरह चूस रही थी। मेरे लंड की चुसाई बहुत ही अचे तरीके से हो रही थी। मेरा लंड जल्दी से झड़ने वाला नहीं था, जब बिलकुल चुदाई के लिए तैयार हो गया तो मैंने अंजू की चुत पर अपने लंड को रगड़ने लगा। 

अंजू की टांगों को फैलते हुए मैंने लंड को हल्का सा अंदर डाला। मैंने अब उनको चोदना शुरू कर दिया, अंजू भी कमर उठा उठाकर पूरा सहयोग दे रही थी। चुदाई की आवाजें और अंजू की छीकें से पूरा कमरा गूंज रहा था। 

अंजू ने कहा ”मैं बहुत प्यासी हु जान और चोदो मुझे और ज़ोर से”

ज़ोर की ठुकाई के बीच अंजू दो बार झड़ चुकी थी। मेरा लंड भी बिलकुल झड़ने वाला था। 

मैंने कहा ”मैं कहा गिराऊ अपना माल”

अंजू ने कहा ”मेरी चुत में गिरा दो, मुझे सुकून मिलेगा”

मैंने सारा माल उनकी चुत में गिरा दिया और उनके ऊपर गिर गया। अंजू ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे शरीर को सहलाने लगी जिससे मेरे बदन को सुकून मिल रहा था। अंजू ने मेरे लंड को अपनी जुबां से साफ़ किया और मुझे कपडे पहना दिए और खुद ने भी पहन लिए। हम दोनों ने साथ में खाना खाया और किश करकर मैं उन्हें बुहा के घर आ गया। मैं वह १५ दिन रहा और अंजू की खूब तुकई की। एक बार तो मैंने उनकी गांड भी मारी। 

दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसी लगी, ज़रूर बताना।     

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