बायसेक्सुअल होना क्या है बायसेक्सुअल होने पर क्या करे

किसी इंसान को बायसेक्सुअल तब माना या कहा जा सकता है, जब वह मुख्य रूप से महिला या पुरुष दोनों की ही तरह शारीरिक, मानसिक और यौन भावनात्मक रूप से आकर्षित होता हो, ऐसे इंसान पुरुष और महिला दोनों की ही तरफ समान रूप से आकर्षित होते है| किसी व्यक्ति का उभयलिंगी यानी बायसेक्सुअल होना एक तरह से सामान्य बात है, और जो व्यक्ति असल में बायसेक्सुअल है उसके लिए भी उसका ऐसा होना एक सामान्य बात ही है| बायसेक्सुअल होना सामान्य इसलिए भी है क्योंकि यह तो उस व्यक्ति के मन जो बायसेक्सुअल है, उसकी इच्छा और व्यवहार की एक आदत है| एक बात जिसे हम सीधे तौर पर आप से कहना चाहेंगे कि बायसेक्सुअल होना कोई बिमारी नहीं है क्योंकि यह तो इंसान के मन की इच्छा और व्यवहार की एक स्थिति है|

किसी इन्सान का किसी विपरीत लिंग पर या उसी के समान लिंग पर या दोनों ही लिंग पर आकर्षण होना कोई बिमारी नहीं हो सकती है, बल्कि यह तो आपके जन्म से भी पहले होने वाले कुछ महत्वपूर्ण जैविक कारकों की वजह से होता है| हाँ हम इस बात को समझते है कि हमारे समाज में इस प्रकार के लोगों को अपनाने में थोड़ी समस्या होती है लेकिन धीरे-धीरे समय बदल रहा है और सभी लोगों को अब समान माना जाता है| नीचे हम बायसेक्सुअल इंसान से जुड़ी कुछ जानकारियाँ दे रहे है –

बायसेक्सुअल एक ऐसे इंसान को कहा जाता है जो पुरुष और महिला दोनों से ही यौन भावनात्मक और शारीरिक रूप से आकर्षित होता है| यहां हम जिस आकर्षण की बात कर रहे है वो सिर्फ शारीरिक और मानसिक तक ही सिमित नहीं है, बल्कि बायसेक्सुअल इंसान किसी महिला और पुरुष दोनों से ही सेक्स करने की भावना भी रख सकता है| यहाँ हम उन लोगों कि बात नहीं कर रहे है, जो महिला और पुरुष दोनों के साथ रहना पसंद करते है या तारीफ़ करते है, बल्कि यहाँ उन लोगों की बात की जा रही है जो महिला और पुरुष दोनों से ही सेक्स कर लेने जैसी भावना रखते है या सेक्स भावना के चलते आकर्षित होते है|

कोई इन्सान बायसेक्सुअल, गे या लेस्बियन क्यों होता है? वर्तमान में इसका पता अभी भी ठीक प्रकार से नहीं चल पाया है| लेकिन किसी इंसान इस तरह का परिवर्तन उसके जन्म से पहले ही उसको बनाने वाले कुछ जैविक कारकों पर निर्भर होता है| किसी बायसेक्सुअल, गे या लेस्बियन को फिर से ठीक कर पाना अभी तक नामुमकिन है| किसी का इस तरह से आकर्षण उसके जन्म से पहले ही निर्धारित हो जाता है| जब आपके जीवन का शुरूआती दौर होता है जब आप काफी छोटे होते हो, तब ही आपको यह समझ आने लगता है कि आप किस लिंग की तरफ ज्यादा आकर्षित होने लगते हो| कई मामलों में किशोरावस्था से पहले ही किसी इंसान को पता चल जाता है कि वह एक गे, बायसेक्सुअल या लेस्बियन है| कोई भी इंसान समय के साथ खुद ही जान जाता है कि वह एक बायसेक्सुअल है|

अगर आप बायसेक्सुअल है तो आपको समय के साथ या किशोरवस्था से पहले ही यह पता लग जाता है| लेकिन एक बात अपने दिमाग में अवश्य रखे की बायसेक्सुअल होना आपकी कोई गलती नहीं है और ना ही आपको इस चीज़ के लिए कभी भी पछतावा होना चाहिए| आप बायसेक्सुअल है, या नहीं यह जानना आपके मस्तिष्क के ऊपर भी निर्भर है अगर आप समझदार बन गए है तो आप जल्द ही समझ लेंगे की आप बायसेक्सुअल है, या नहीं है|

इसी के विपरीत कई बार ऐसी सम्भावनाए भी आपके सामने आती है जब आपको अपनी ही पहचान के किसी ख़ास व्यक्ति पर आपको उनके बायसेक्सुअल होने का शक होता है| लेकिन एक बात है जिस पर ध्यान देना काफी जरूरी है कि किसी के पहनावे, हरकत या सोच के आधार पर आपको उनके बायसेक्सुअल होने का शक बिलकुल नहीं करना चाहिए| हाँ यह जरुर है कि किसी बायसेक्सुअल का अपना ही एक अलग व्यवहार होता है लेकिन अगर आपको लगता है कि आपकी पहचान का कोई व्यक्ति बायसेक्सुअल है तो उसके विश्वास पात्र बनकर उससे सीधा ही इस बारे में बात कर लीजिये| हमारे समाज में लोगों के मन में बायसेक्सुअल या ऐसे लोगों के प्रति एक अलग ही सोच है जिसके डर के चलते भी काफी लोग अपने बायसेक्सुअल, गे या लेस्बियन होने की बात लोगों से नहीं करते है|

सबसे पहले इस बात को अच्छे से समझ ले कि अगर आप बायसेक्सुअल है तो इसमें आपकी ऐसी कोई गलती नहीं है, जिसका आपको किसी तरह का पछतावा होना चाहिए| अगर आपका कोई पहचान का व्यक्ति बायसेक्सुअल है, या अगर कोई व्यक्ति खुद आपको कहता है कि वह बायसेक्सुअल है तो उसके साथ आपका व्यवहार बिलकुल वैसा ही होना चाहिए जैसा की आम तौर पर आप किसी व्यक्ति के साथ व्यवहार करते है| कई बार ऐसा होता है कि बायसेक्सुअल लोगों के साथ हमारे समाज में गलत व्यवहार होता है लेकिन आप ऐसा बिलकुल भी ना करे, और बायसेक्सुअल के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त करे|  बायसेक्सुअल के प्रति आप नीचे दिए गए कुछ व्यवहार अपना सकते है|

1 उनका आत्मविश्वास बढाये – कई मामलों में ऐसा होता है कि बायसेक्सुअल लोग किसी को भी अपने बारे में बताने से डरते है लेकिन अगर वह आपको इस बारे में बताते है और वह इस चीज़ को लेकर काफी चिंता में है, तो आपका फर्ज बनता है कि आप उनका आत्मविश्वास बढाने में उनकी मदद करे| आप उनके साथ इस तरह से पेश आये जैसे की आप में और उनमे कोई फर्क नहीं है|

2 सुझाव ना दे – आप किसी भी बायसेक्सुअल को एक सामान्य व्यक्ति की तरह बन जाने का या व्यवहार अपनाने का सुझाव ना दे| क्योंकि ऐसा कर पाना लगभग नामुमकिन है और आप ऐसा कर के उनका मनोबल और भी कमजोर कर देंगे|

3 भावनात्मक रूप से साथ दे – अगर कोई बायसेक्सुअल आपका वह पार्टनर है जिससे आप प्यार करते है और अपनी पूरी जिंदगी उसके साथ बिताना चाहते है तो अपने पार्टनर का भावनात्मक रूप से साथ दे| इस विषय में अपने पार्टनर से ठीक प्रकार से बात करे और साथ ही उनकी बातों का पूरी तरह से समर्थन करे| यहाँ आपकी कोशिश पूरी तरह से अपने पार्टनर को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने की होनी चाहिए|

4 समर्थन करे – अगर आपका कोई प्रिय जन बायसेक्सुअल है तो आप उसके साथ काफी समझदारी से बात करे| उनके ऐसा होने पर कोई सलाह ना दे, और नाही उनका मज़ाक बनाने का प्रयास करे, बल्कि उनकी हर बातों पर उनका समर्थन करे| यहाँ आपकी कोशिश यही होनी चाहिए की आपका प्रिय जन सकारात्मक रुप से आपके साथ और हर इंसान के साथ सहज महसूस करे|

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