ऑफिस गर्ल को ब्लैकमेल कर के चोदा!

दोस्तों , लड़कियों की भोली-भाली बातों में आना बेवकूफी है।  २१वी सदी में शरीफ लड़की मिलना नामुमकिन है।  इसलिए किसी से प्यार करने से पहले सोच लेना कि तुम पहले नहीं हो , वो लड़की पहले भी किसी और लण्ड का पानी पी चुकी है।  क्यूंकि जब प्यार में धोखा मिलता है ना तो बहुत गुस्सा आता है।  और सबकी किस्मत मेरे जैसे नहीं होती कि धोखा खाने के बाद भी वही लड़की चोदने को मिले और १ बार नहीं बार बार।  

मेरा नाम राहुल है।  मेरी उम्र २६ साल है।  मैंने ६ महीने पहले एक नयी कंपनी में जॉब ज्वाइन की थी।  पुराने ऑफिस में मेरी एक गर्लफ्रेंड थी , जिसने मुझे धोखा दिया था।  वो भी सिर्फ सेक्स के लिए।  गलती उसकी भी नहीं थी।  मैंने ही उसे चोद चोद के चुदकड़ बना दिया था और करीब ३ सप्ताह से बहुत व्यस्त होने की वजह से मैं उसे चोद नहीं पाया और वो चुदवाने की तड़प में मेरे ही भाई से चुदवाने लगी।  अब मेरा ही भाई था तो मैंने भी उसे बोल दिया कि मैं तो सेकड़ो बार चोद चूका हूँ अब तू भी अपने लण्ड को शांत कर ले।  पर प्यार में धोखा मिलने की वजह से मेरा अब उस ऑफिस में मन नहीं लगता था और मैंने वहां नौकरी छोड़ दी।  

मेरी नयी नौकरी पहले से ज्यादा अच्छी है।  वहां से ज्यादा सैलरी भी है और ऑफिस भी वहां से काफी बड़ा है।  सब से अच्छी बात यहाँ पर बहुत सारी लडकियां हैं और सब की सब मॉडर्न।  एक से बढ़ कर एक , पर उसमे से जो सब से ज्यादा आकृषक और सूंदर है उसका नाम है काजल।  करीब ५ फुट ७ इंच लम्बी , ४० की चूचिया और ४० की ही गांड।  उसे देखते ही मुझे उस से प्यार हो गया।  पर उसे मना पाना बहुत मुश्किल था और सब से पहले यह पता करना था कि उसका कोई बॉयफ्रेंड तो नहीं।  पहले ही दिन से मैंने उस से दोस्ती करने की कोशिश शुरू कर दी।  धीरे धीरे हमारी ऑफिस में ही बातचीत होने लगी।  करीब १५ दिन बाद मुझे हमारे बॉस ने ऑफिस के व्हाट्सप्प ग्रुप में जोड़ लिया और यह मेरा सब से बड़ा फायदा हुआ।  क्यूंकि वहाँ से मुझे काजल का नंबर मिल गया।  अगले दिन ऑफिस से छुट्टी करने के बाद रात में मैंने हिम्मत कर के उसे व्हाट्सप्प पर एक चुटकुला भेजा और उसके जवाब आने का इन्तजार करने लगा।  

१५ मिनट बाद उसका जवाब आया।  उसने हसने वाले स्टीकर भेजे और साथ में एक मेसेज भेजा कि अगर और है तो और भेज राहुल चुटकुले।  मैंने भी १०-११ इकठे भेज दिए।  ऑफिस में हमारी अच्छी दोस्ती हो गयी थी इसलिए वो भी मुझसे बात सही ढंग से कर रही थी।  मैंने भी जल्दबाजी नहीं की और उसका दिल जीतने  की कोशिश करने लगा अपनी बातों से।  ४-५ दिन में हम काफी अच्छे  दोस्त बन गए।  एक रात उसने मुझे बोला राहुल कोई चुटकुले हैं तो भेज , हसे बहुत दिन हो गए हसने का मन कर रहा है।  मैंने भी मजाक में बोला क्या हुआ मैडम , कोई परेशानी है तो बताओ , आपके लिए तो में खुद जोकर बन जाऊंगा और हसाऊँगा।  उसका जवाब आया , जोकर ना बन पर अगर हँसा सकता है तो हँसा दे।  मैंने हिम्मत कर के बोला चल वीडियो कॉल उठा और वो मान गयी।  

मैंने भी तुरंत वीडियो कॉल की और उसे देखते ही मेरा लण्ड तनतना के खड़ा हो गया।  वो साली पतली सी पारदर्शी टीशर्ट पहने हुए थी जो की उसकी चूचियों तक ही थे।  उसके निचे उसकी गोरी चिट्टी कमर बिलकुल नंगी और उसके निचे साली ने सिर्फ जांघो से ऊपर तक की ही निक्कर पहनी हुयी थी।  उसकी टीशर्ट में से उसकी ब्रा साफ़ दिखाई दे रही थी।  में १ मिनट तक कुछ बोल नहीं पाया तो वो बोल पड़ी राहुल कुछ बोलेगा भी।  मेरा ध्यान उसकी चूचियों से हटा और उसकी बातों पर आ गया।  पहले तो मैंने उसे ३-४ चुटकुले सुना कर हसाया फिर उस से बोला , क्या हुआ है तुझे।  कोई परेशानी है तो बता सकती है तू मुझे।  मुझ पर भरोसा कर सकती है तू।  उसने बताया कि १ महीने पहले उसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़ कर चला गया और तब से उसका दिल नहीं लगता।  यही टाइम था सही एंट्री मरने का।  मैंने भी उसे बोला कोई बात नहीं अब जब भी मन उदास हो इस जोकर को याद कर लेना।  उसने है कर मुझे बोला , ठीक है कर लुंगी याद , रात बहुत हो गयी है चल अब सोते हैं।  

अगले दिन ऑफिस में वो खुद ही मेरे करीब करीब रहने लगी और दोपहर का खाना भी हमने साथ में खाया।  घर आने के बाद रात में आज पहली बार उसका खुद ही मैसेज आ गया कि आज फिर वीडियो कॉल पर बात करेंगे।  मैं भी खाना खा कर जल्दी अपने कमरे में जाकर उसे वीडियो कॉल किया।  आज भी साली आधी नंगी थी और आज तो मैंने भी जान कर निक्कर ही पहनी थी।  २-३ मिनट आम बातें करने के बाद वो बोली कि आज भी हो गया तेरा लण्ड खड़ा।  ये सुन कर में हैरान रह गया और बोला क्या बोला तूने ? कहती साले कल भी लण्ड खड़ा था तेरा और आज तो निक्कर पहना है और साफ़ दिख रहा है कि खड़ा है।  मैंने भी बोल दिया अब कोई लड़की सामने आधी नंगी मुझसे बात कर रही तो खड़ा तो होगा ही।  वो हसने लगी , कहती रात में मुझसे ज्यादा कपडे पहन कर सोया नहीं जाता।  आज वो भी खुल कर बात कर रही थी तो मैंने भी बिना डरे पूछ लिया कि सेक्स किया है तूने कभी ? वो बोली नहीं यार अभी हम इतने करीब आये ही नहीं थे , सोच रहे थे कि जायेंगे होटल में पर इतने में ही ऑफिस की किसी और लड़की ने उसे पटा लिया और वो उसके साथ चुदवाने लगी।  ये बात मुझे पता चली तो मैंने उस से रिश्ता तोड़ दिया अपना।  

आज मैंने उसे हिम्मत कर के बोल दिया , काजल मुझे पहले दिन से ही तू बहुत अच्छी लगती है , अगर मैं भी तुझे अच्छा लगता हूँ तो मेरी गर्लफ्रेंड बन जा।  मुझे यकीन नहीं हो रहा था पर वो मान गयी।  उस रात बस मैं उसे चोदने के सपने लेता रहा और ३ बार मुठ मारा रात में।  ३ दिन बाद रात में बात करते हुए मैंने उसे सेक्स करने के लिए बोला।  वो इस बार नहीं मानी और बोली यार राहुल थोड़े दिन रुकते हैं , अभी तो ३-४ दिन हुए है हमें साथ में।  इतनी जल्दी सेक्स करना ठीक नहीं लगेगा मुझे।  मैंने भी बोला कोई बात नहीं जब तेरा मन करे तब कर लेंगे।  मुझे कोई जल्दी नहीं।  हम फिर आम बातें करने लगे।  मुझे अब इस लड़की से सच में प्यार हो गया था , क्युकि उस लड़की की बातें सुन कर ऐसा लग रहा था कि बहुत अच्छी लड़की है।  मैंने उस रात उसे बोला कि तू मुझे अब पहले से ज्यादा अच्छी लगने लगी है और मैं तुझसे शादी करना चाहता हूँ।  वो बोली अभी १-२ साल ऐसे रहते है साथ में अगर सब अच्छा रहा तो शादी कर लेंगे।  उस रात को मैंने मुठ नहीं मारी क्यूंकि आज मैं उस से शादी के सपने ले रहा था।  पर मेरा सपना अगले दिन टूट जायेगा ये मुझे पता नहीं था।  

अगले दिन मुझे ऑफिस के स्टोर रूम में कुछ काम था।  दोपहर का टाइम था करीब ३ बजे।  स्टोर रूम का दरवाजा पहले से खुला था मुझे लगा शायद अंदर कोई होगा।  मैंने ध्यान नहीं दिया और अंदर चला गया।  वहां जाकर जो मैंने देखा , पहले तो मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गयी।  वह पर काजल को ऑफिस का एक विवेक नाम का लड़का चोद रहा था।  अभी उन्होंने शुरू ही किया था।  जब मैं वह पंहुचा तो वो किस कर रहे थे।  मैं अलमारी के पीछे खड़ा होकर उन्हें देखने लगा।  वो दोनों एक दूसरे को चाट रहे थे , एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे , काजल विवेक का लण्ड सेहला रही थी और विवेक उसकी चूचियां दबा रहा था।  वो दोनों पागलो की तरह लगे हुए थे।  काजल ने खुद ही विवेक की पेंट निचे कर दी और लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी।  ५ मिंट बाद ही वो निचे बैठ गयी और विवेक का लण्ड चूसने लगी।  विवेक भी उसका सर पकड़ कर उस से लण्ड चुसवाने लगा और जोर जोर से उसके मुँह में अपना लण्ड अंदर बाहर  कर रहा था।  

वो साली रांड भी उसका लण्ड चुदकड़ की तरह चूस रही थी।  बार बार थूक लगा रही थी उसके लण्ड पर और चूसी जा रही थी।  १० मिनट लण्ड चुसवाने के बाद विवेक ने उसे खड़ा होने को बोला।  काजल खड़ी  हो गयी और खुद ही अपनी जीन्स और पेंटी उतार कर साइड में रख दी।  मुझे लग अब ये चुदाई करवाएगी पर ये साली ने तो विवेक को निचे बिठाया और अपनी चुत उसके मुँह पर रख कर चुत चटवाने लगी।  विवेक भी साला जीभ से उसकी चुत चाटने लगा और काजल मदहोश होती रही।  ये सिलसिला ५ मिनट तक चलता रहा , काजल उसका सिर पकड़ कर अपनी चुत में उसका मुँह घुसा रही थी और ये साला भी जीभ से ही उसे चोद रहा था।  

कुछ देर बाद विवेक खड़ा हुआ और काजल को दिवार के सहारे खड़ा कर दिया और उसकी एक टांग अपने हाथ में उठा कर उसकी चुत में अपन लण्ड डाल दिया।  काजल चिल्लाने लगी तो विवेक ने उसके मुँह पर अपना हाथ रख कर दबा लिया और जोर जोर से उसे चोदने लगा।  काजल मुँह से तो नहीं बोल पा रही थी पर विवेक की गांड पर हाथ रख कर बता रही थी कि उसे और जोर से चुदवाना है।  पर इतने में विवेक का झड़ गया और काजल ने उसे धक्का दे कर पीछे  कर दिया।  बिना उस से कुछ बोले कपडे पहन कर बाहर चली गयी।  ये सब देख कर मेरा दिल एक बार फिर टूट गया।  पर इस बार मैंने अपना दिमाग चलाया और काजल की चुदाई की वीडियो बना ली।  

उस रात मैंने काजल से अच्छे तरिके से बात की ताकि उसे कोई शक ना हो।  अगले दिन ऑफिस में मैंने उसपर सारा दिन नजर रखी।  आज भी उसी समय पर वो स्टोर रूम की तरफ जाने लगी।  इस बार मैं उसके पीछे पीछे चला गया।  वहां पर आज अकेली थी वो , शायद विवेक आया नहीं था।  इस बार मैं खुद उसके पास गया , और मुझे वहां देख कर काजल चौंक गयी।  पर बड़े आराम से बोली राहुल तू क्या कर रहा यहाँ ? मैंने भी बड़े आराम से बोला एक फाइल लेने आया था तुझे देखा तो तेरे पास चला आया।  वो बोली ठीक है चलो बहार चलते हैं अब।  मैंने उसे रोका और पूछा आज विवेक कही दिख नहीं रहा।  काजल अनजान बन कर बोली मुझे क्या पता , होगा कहीं।  मेरा उस से क्या मतलब।  मैंने उसकी बात का जवाब दिया अच्छा तो बिना मतलब ही तू किसी से भी चुदवा लेती है।  यह सुन कर वो चौंक गयी और बोली क्या मतलब है तेरा ? मैंने अपना मोबाइल निकला और उसे उसकी ही रासलीला दिखाई।  अब वो डर गयी और बोलने लगी किसी को ना बताना इसके बारे में , विवेक ही मेरा बॉयफ्रेंड है।  कल पहली बार में उस से चुदवा रही थी ताकि वो वापिस आ जाये मेरी जिंदगी में।  

मैंने भी बोला कोई बात नहीं पर अगर तू चाहती है कि तेरी चुदाई सिर्फ मैं ही देखु तू आज फिर वही कर मेरे साथ जो कल विवेक के साथ कर रही थी।  काजल गुस्से मैं बोली तू मुझे ब्लैकमेल कर रहा है।  मैंने बोला हाँ , पहले प्यार से मनाया तू मानी नहीं और अगले ही दिन किसी और से चुदवा रही थी।  अब मुझे भी चोदना है तुझे।  कल तो विवेक तेरी प्यास नहीं  बुझा पाया पर मैं तेरी चूत फाड़ दूंगा।  मुझे लगा वो साली अभी ड्रामा करेगी पर बोली अच्छा ऐसा  हैतो चल फाड़ के दिखा।  इतना बोल कर मुझे अपने पास खींच कर मेरे होठों को चूमने लगी।  मुझे लगा मान गयी पर वो रांड मेरा मोबाइल निकलने लगी जेब से।  मैंने भी हाथ हटाया और बोला तू ज्यादा समझदार है न।  चल अब पीछे खड़ी  हो कर नंगी हो।  वो अब हाथ जोड़ रही थी पर मैं नहीं माना।  अब वो धीरे धीरे कपडे उतारने लगी।  आज पहली बार मैंने उसे पूरी तरह से नंगी इतनी करीब से देखा।  शब्दों में नहीं बता सकता यार क्या चीज है वो।  १० किलो की चूचियों पर छोटा सा निप्पल।  अंग्रेजो जैसा गोरा रंग और उसके गालो जैसी चिकनी गांड और बिना एक भी बाल की सफाचट चूत।  उसे देखते ही मेरा लण्ड खड़ा हुआ और मैंने अपनी पेंट निचे कर के लण्ड उसके हाथ में पकड़ा दिया।  मैंने उसने चूसने को बोला पर वो बोली मुझे चूसना अच्छा नहीं लगता।  मैंने उसके गांड पर थपड मारा और उसे बोला साली कल विवेक का तो लॉलीपॉप जैसे चूस रही थी।  उसे पता लग गया था अब उसकी एक नहीं चलेगी मेरे आगे।  

उसने भी लण्ड पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।  मैं भी उसका सिर पकड़ कर लण्ड चुसवाने लगा।  वो खास्ती रही पर मैं उसपर तरस खाये बिना लण्ड उसके गले तक लेजाता रहा।  फिर मैंने उसे उठाया और बोला मेरी जान रो मत अब मैं तुझे मजा देता हूँ।  मैंने उसे जमीन पर लेटा दिया।  उसकी टाँगे फैला कर उसकी चूत चाटने लगा।  मुझे पता था लड़कियों को गरम कैसे किया जाता और मैंने तसली से उसकी चूत उसकी जाँघे चाटी।  अब वो गर्म होने लगी थी।  उसने अपनी पेंटी अपने मुँह में डाल ली ताकि उसकी आवाज ना जाये बाहर।  पर मुझे पता लग गया था कि वो गर्म हो चुकी है।  अब वो खुद मेरा सिर पकड़ कर द्बा रही थी और चुत चटवाने का मजा लेने लगी थी।   उसकी चूत चाट कर खड़ा हुआ और पूछा क्यों रांड आया मजा।  वो बोली राहुल रांड मत बोल यार कल पहली बार चुदवा रही थी।  पर मजा तो आज पहली बार आया तू सच में साले बहुत अच्छे से चुत चाटता  है।  अब चोद के दिखा चोदता केसा है।  इतना बोल कर उसने खुद अपनी टाँगे मेरे कंधो पर रख ली और मेरा लण्ड अपनी चूत की तरफ खींचने लगी।  मैंने भी जोर के झटके से घुसा दिया अपना लण्ड और उसके मुँह से निकला आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।।।  इस बार मैंने उसका मुँह दबा लिया , और अपना लण्ड उसकी चुत में पूरी स्पीड से अंदर बाहर करने लगा।  उसकी शकल देख कर पता लग रहा था वो कितना मजा लेकर चुदवा रही है।  १० मिंट तक  उसे जमीन पर चोदता रहा।  फिर मैंने उसे उठा कर घोड़ी बना दिया और उसकी गांड पर थपड मार मार कर उसे चोदने लगा।  २५ मिनट की लगातार चुदाई के बाद उसका पानी निकल गया और अब उसने इशारा किया निकाल ले।  वो ये देख कर हैरान हो गयी मेरा लण्ड अभी भी तना खड़ा था।  वो खुद ही बोली साले मस्त लण्ड है  तेरा ।

अब विवेक माँ चुड़ाये काजल तो अब राहुल से ही चुदवायेगी। 

मैंने बोला साली बाद की बाद में पर अभी लण्ड मुँह में डाल और मेरा पानी निकाल।  इस बार उसने मना नहीं किया और खुद ही बोली जरूर मेरी जान , अब तो ये लण्ड मेरा है।  इसे में मुँह, चूत गांड सब जगह डालूंगी और चुड़वाउंगी।  साली अब ये पूरी रांड बन गयी और इस बार लण्ड ऐसे चूस रही जैसे सदियों से लण्ड चूसने का तजुर्बा हो।  कपडे खराब न हो जाये इस लिए उसने बोला की अगली बार पिऊँगी इस बार जमीन पर गिरा दे।  मैंने भी सारा रस जमीन पर गिरा कर बर्बाद कर दिया।  काजल अब खुद ही बोल रही थी , राहुल अब रोज यहाँ इसी टाइम आ जाना और मेरी चूत की खुजली मिटाना।  और हर रविवार मेरे घर पर आकर मुझे चोदना।  

मैं मन ही मन सोच रहा था कि अब जिंदगी में कभी सच्चा प्यार नहीं करना।  अब तो बस लड़की चोदनी है और छोड़ देनी है।  उसके बाद ऑफिस की ४ और लड़किया चोद  चूका पर काजल को अभी भी हर रोज चोदता हूँ।  देखा दोस्तों ,  बोला था ना लड़की कभी भोली नहीं होती।  उन्हें भोली समझने की भूल ना करना बस जब मौका मिले चोद दो।  कमेंट कर के बताइए किसी लगी स्टोरी और मैं इसी तरह आपके लिए और बहुत सी चुदाई की कहानिया लेकर आता रहूँगा।  

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